गया में बनेगा पूर्वी भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब: BIMCGL की शुरुआत, 12 MoU में ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव

NICDC ने गया में BIMCGL की शुरुआत की। IMC गया में 12 MoU के जरिए ₹4,200 करोड़ निवेश का प्रस्ताव, 16,095 रोजगार की उम्मीद।

Oct 24, 2026 - 22:54
Oct 24, 2026 - 22:56
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गया में बनेगा पूर्वी भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब: BIMCGL की शुरुआत, 12 MoU में ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव

अनन्य सोच।  बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए शनिवार को बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) की औपचारिक शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम में बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के शुरुआती आयोजन का भी उद्घाटन किया। नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NICDC) की इस पहल को पूर्वी भारत में बड़े विनिर्माण केंद्र की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

12 MoU, 16,095 रोजगार की उम्मीद

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण IMC गया में करीब 300 एकड़ औद्योगिक भूमि के लिए 12 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर रहा। इनमें लगभग ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे 16,095 रोजगार अवसर बनने की उम्मीद है। निवेश खाद्य प्रसंस्करण, ऑटो पार्ट्स, औषधीय उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। इससे पहले हुए समझौतों में करीब 2,586 एकड़ भूमि के लिए ₹31,750 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव था।

पोर्टल और वेबसाइट लॉन्च

मुख्यमंत्री ने BIMCGL का लोगो जारी किया और आधिकारिक वेबसाइट तथा एकीकृत भूमि आवंटन पोर्टल लॉन्च किया। इसका उद्देश्य निवेशकों को सुविधा देना और भूमि आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। कार्यक्रम में करीब 250 प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें जापान, थाईलैंड और लाओस के राजदूत व वरिष्ठ प्रतिनिधि थे। 55 देशों के बिहार फाउंडेशन चैप्टर के प्रतिनिधि वर्चुअली जुड़े।

1,670 एकड़ में बन रही परियोजना

गया के डोभी ब्लॉक में 1,670 एकड़ में फैली इस परियोजना को केंद्र सरकार ने 28 अगस्त 2024 को मंजूरी दी थी। इसकी कुल लागत ₹1,339 करोड़ है और करीब ₹16,500 करोड़ निवेश तथा लगभग 1.10 लाख रोजगार की उम्मीद है। राज्य सरकार पूरी जमीन अपने कब्जे में ले चुकी है और निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा है। क्लस्टर में कृषि-आधारित उद्योग, टेक्सटाइल, फर्नीचर, हस्तशिल्प, हथकरघा और इंजीनियरिंग पर फोकस रहेगा।

केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी ने केंद्र के निरंतर सहयोग की बात कही। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने NICDC की भूमिका को अहम बताया।