India Waterways में बढ़ी Safe Navigation की रफ्तार: 21.8 करोड़ MT कार्गो, ब्रह्मपुत्र पर पहले River Lighthouse
PIB Backgrounder के अनुसार India के Inland Waterways पर कार्गो 21.8 करोड़ मीट्रिक टन पहुंचा। जानिए Hydrographic Survey, Brahmaputra के River Lighthouse, PANI और Nauvdarshika की भूमिका।
अनन्य सोच । भारत में जलमार्गों पर यातायात बढ़ने के साथ सुरक्षित और बेहतर Inland Navigation व्यवस्था विकसित की जा रही है। PIB Delhi द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी Backgrounder के अनुसार, देश में 111 National Waterways हैं, जिनकी कुल लंबाई 20,187 किलोमीटर है। इनमें से 32 पर वर्तमान में परिचालन हो रहा है। अंतर्देशीय जलमार्गों से कार्गो ढुलाई 2014-15 के 2.9 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 21.8 करोड़ मीट्रिक टन हो गई। यह 20.13 प्रतिशत CAGR को दर्शाता है और समुद्री भारत दृष्टिकोण 2030 के 20 करोड़ मीट्रिक टन के लक्ष्य को पार कर चुका है। जलमार्ग से एक टन माल ढोने की लागत सड़क की तुलना में लगभग एक-तिहाई और रेल की तुलना में आधी बताई गई है।
Hydrographic Survey और Least Available Depth
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) राष्ट्रीय जलमार्गों पर जल सर्वेक्षण करता है, जिसमें नदी की गहराई, तल की बनावट और बहाव का विश्लेषण शामिल है। सितंबर 2026 तक 22 राष्ट्रीय जलमार्गों पर नियमित Thalweg Survey हो रहे थे, जो जरूरत के अनुसार साप्ताहिक, पाक्षिक या मासिक किए जाते हैं। सर्वेक्षण का एक अहम नतीजा Least Available Depth (LAD) है, जो नौवहन मार्ग में पानी की न्यूनतम गहराई बताता है। यह जहाज के अधिकतम ड्राफ्ट और माल ढोने की क्षमता को सीधे प्रभावित करता है।
ब्रह्मपुत्र पर देश के पहले River Lighthouse
मार्च 2026 में भारत ने राष्ट्रीय जलमार्ग-2 यानी ब्रह्मपुत्र पर देश के पहले चार नदी-आधारित लाइटहाउस की घोषणा की। ये पांडु, बोगीबील, सिलघाट और बिश्वनाथ घाट में बनाए जा रहे हैं। 74 करोड़ रुपये की इस परियोजना में नौवहन मार्गदर्शन के साथ आधुनिक निगरानी सुविधाएं भी शामिल होंगी। NW-2 असम में धुबरी से सदिया तक 891 किलोमीटर नौगम्य है, जो देश के किसी भी जलमार्ग का सबसे लंबा नौगम्य हिस्सा है। यहां माल ढुलाई 2024-25 के 9 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 12.9 लाख मीट्रिक टन हो गई।
Digital Navigation: PANI, Nauvdarshika और RIS
Portal for Asset and Navigation Information (PANI) और IWAI Vessel Tracker मिलकर वेब व मोबाइल आधारित e-Navigation प्रणाली बनाते हैं। सितंबर 2026 तक 18 जलमार्गों के लिए Electronic Navigational Charts (ENCs) तैयार किए गए हैं। वर्ष 2025 में लॉन्च Nauvdarshika रियल-टाइम LAD जानकारी के साथ नदी यातायात प्रबंधन में मदद करता है। गंगा (NW-1) पर River Information Services (RIS) में 4 कंट्रोल स्टेशन और 13 बेस स्टेशन शामिल हैं।