India-New Zealand FTA 20 अक्टूबर से लागू: 100% Duty-Free Access से भारतीय निर्यातकों को नया बाजार

India-New Zealand FTA विजयादशमी पर 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। जानिए MSME, किसानों, छात्रों और Exporters को क्या फायदे मिलेंगे।

Oct 19, 2026 - 22:47
Oct 19, 2026 - 22:54
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India-New Zealand FTA 20 अक्टूबर से लागू: 100% Duty-Free Access से भारतीय निर्यातकों को नया बाजार

अनन्य सोच । भारत और न्यूजीलैंड के बीच Free Trade Agreement (FTA) 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के दिन लागू होगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने सोमवार को वर्चुअल सम्मेलन में इसकी संयुक्त घोषणा की।

100% Duty-Free Access से Exporters को राहत

न्यूजीलैंड ने भारतीय निर्यात की सभी टैरिफ श्रेणियों पर सीमा शुल्क समाप्त कर दिया है, जिससे अधिकतम 10 प्रतिशत तक के शुल्क हट गए हैं। कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, ऑटो कलपुर्जे, औषधियां और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। गोयल के अनुसार, इससे MSME, कारीगरों, किसानों और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। पहली बार JCB मशीन के निर्यात को भी हरी झंडी दिखाई गई।

Agriculture Partnership और Farmers की सुरक्षा

समझौते में Agricultural Productivity Partnership शामिल है। इसके तहत कीवी, सेब और शहद के लिए Action Plan बनेंगे। कीवी के लिए नागालैंड के फुत्सेरो और उत्तराखंड के माग्रा में, सेब के लिए हिमाचल व उत्तराखंड में और शहद के लिए उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल में Centres of Excellence की योजना है। डेयरी, चीनी, खाद्य तेल और प्रमुख कृषि वस्तुओं को रियायतों से बाहर रखा गया है।

Services, Students और Professionals के लिए अवसर

न्यूजीलैंड ने अपने किसी भी व्यापार समझौते में अब तक का सर्वश्रेष्ठ सेवा प्रस्ताव दिया है। पहली बार आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष प्रणालियों को भी शामिल किया गया है। भारतीय पेशेवरों को हर वर्ष 5,000 अस्थायी रोजगार वीजा और 1,000 वर्किंग हॉलिडे वीजा मिलेंगे। भारतीय छात्रों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी, और STEM स्नातकों को पढ़ाई के बाद तीन वर्ष तक, डॉक्टरेट शोधार्थियों को चार वर्ष तक काम का अधिकार मिलेगा।

Investment और भविष्य का लक्ष्य

न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे कृषि, विनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टार्ट-अप को लाभ की उम्मीद है। वार्ता 16 मार्च 2025 को शुरू हुई, 22 दिसंबर 2025 को संपन्न हुई और समझौते पर 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर हुए। लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (35,000 करोड़ रुपये) तक पहुंचाना है।