Monsoon Variability का 4600 साल का इतिहास: BSIP की Karela Lake Study में खुले जलवायु और कृषि अनुकूलन के राज

BSIP लखनऊ के वैज्ञानिकों ने Karela Lake (हुलास खेड़ा) के तलछट से 4600 साल का Climate History तैयार किया। जानिए Indian Summer Monsoon का कृषि और झील पर असर।

Oct 16, 2026 - 19:32
Oct 16, 2026 - 19:34
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Monsoon Variability का 4600 साल का इतिहास: BSIP की Karela Lake Study में खुले जलवायु और कृषि अनुकूलन के राज

अनन्य सोच । बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP) के वैज्ञानिकों ने मध्य गंगा मैदान में लखनऊ के पास हुलास खेड़ा स्थित करेला झील से 4600 वर्षों के जलवायु और पर्यावरणीय इतिहास का पुनर्निर्माण किया है। PIB Delhi द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, BSIP विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का स्वायत्त संस्थान है। अध्ययन में पाया गया कि Indian Summer Monsoon के उतार-चढ़ाव ने झील जल विज्ञान, तलछट आवागमन, वनस्पति, सूक्ष्मजीव गतिविधि और प्रारंभिक कृषि अनुकूलन को नियंत्रित किया।

गंगा मैदान क्यों है "प्राकृतिक प्रयोगशाला"

सिंधु घाटी सभ्यता के उत्थान और पतन को व्यापक रूप से मानसून परिवर्तनों से जोड़ा गया है, लेकिन बाद में मध्य गंगा मैदान के समुदायों ने ऐसे बदलावों पर कैसी प्रतिक्रिया दी, इसकी जानकारी कम थी। सिंधु सभ्यता के पतन के बाद यह क्षेत्र कृषि विस्तार और सांस्कृतिक विकास का प्रमुख केंद्र रहा और यहां 4500 से 1000 वर्ष पूर्व के बीच कई मानव प्रवास दर्ज हुए हैं। इसी कारण यह दीर्घकालिक Climate-Human Interaction के अध्ययन का आदर्श क्षेत्र माना गया।

कौन-सी तकनीकें और कौन-से Climate Events पहचाने गए

बिस्वजीत ठाकुर, आनंद राजोरिया, मनीषा एम ईटी और रेडियोकार्बन डेटिंग प्रयोगशाला की टीम ने AMS-आधारित Radiocarbon Chronology, कार्बन-नाइट्रोजन के स्थिर समस्थानिक, कण-आकार विश्लेषण, End-Member Modeling और परागकण विज्ञान को एकीकृत किया। टीम ने चार प्रमुख पर्यावरणीय चरणों की पहचान की, जिनमें 4.2 हजार वर्ष की शुष्क घटना, रोमन गर्म अवधि और लघु हिमयुग शामिल हैं। पश्चिमी हवाओं से मिली नमी के अभिलेखों ने लघु हिमयुग के दौरान क्षेत्र में बाढ़ के प्रभाव को भी स्पष्ट किया।

Oxbow Lakes और भविष्य की नीतियों के लिए अहमियत

अध्ययन के अनुसार मानसून के उतार-चढ़ाव C3 और C4 वनस्पति के बदलाव, तलछटी कार्बनिक पदार्थ की संरचना और प्रारंभिक कृषि समुदायों की अनुकूलन रणनीतियों को भी प्रभावित करते हैं। निष्कर्ष बताते हैं कि मध्य गंगा मैदान की छोटी ऑक्सबो झीलें मानसून के दीर्घकालिक रिकॉर्ड सहेजने वाले संवेदनशील प्राकृतिक अभिलेखागार हैं। इससे Climate Adaptation, जल सुरक्षा, आर्द्रभूमि संरक्षण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण को दिशा मिल सकती है। यह शोध Journal of Asian Earth Sciences में प्रकाशित हुआ है।