Meri Lajo Sarpanch: दृश सिने प्रोडक्शंस की ओर से फिल्म 'मेरी लाजो सरपंच' की हुई फिल्म स्क्रीनिंग
फिल्म की लीड अदाकारा कृतिका देसाई ने प्रीमियर में लिया फिल्म का आनंद बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे सामाजिक मुद्दें को 'मेरी लाजो सरपंच' में दर्शाया

Ananya soch: Meri Lajo Sarpanch
अनन्य सोच, जयपुर। Meri Lajo Sarpanch: मैं अपने आप को खुशनसीब समझती हूं कि मैंने एक ऐसी फिल्म में एक मुख्य किरदार निभाया है जिसमें मौजूदा समय की जरुरत 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे विषय को खूबसूरती से परदे पर दिखाया जा रहा है. ये कहना था जानी-मानी टेलीविज़न एंड फिल्म अदाकारा कृतिका देसाई का. दृश सिने प्रोडक्शंस की ओर से फिल्म 'मेरी लाजो सरपंच' के प्रमोशन के सिलसिले में देसाई रविवार को शहर के जेम सिनेमा में फिल्म स्क्रीनिंग कार्यक्रम के लिए पहुंची. इस दौरान एक्ट्रेस सभी दर्शकों से रूबरू हुई और उनके साथ फिल्म का आनंद लिया. राजस्थान की पृष्टभूमि पर आधारित इस फिल्म को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से शहर के कई गणमान्य लोग और मुख्य अतिथि के तौर पर समाज कल्याण बोर्ड की चेयरपर्सन अर्चना शर्मा, अडिशनल डीएसपी आईपीएस रानू शर्मा समेत भवानी निकेतन कॉलेज से 650 गर्ल्स ने फिल्म का आनंद उठाया. कार्यक्रम के दौरान फिल्म से जुड़े 25 टीम मेंबर्स और एसोसिएट्स का भी सम्मान किया गया. इस सन्दर्भ में आयोजित हुई प्रेस वार्ता के दौरान कृतिका ने बताया कि जयपुर और सामोद में बने सेट्स पर हुई फिल्म शूट में राजस्थान को काफी करीब से देखने को मिला. फिल्म में ना सिर्फ राजस्थान की कहानी को गड़ा गया है बल्कि फिल्म के कई किरदारों के लिए जयपुर और आस-पास के टैलेंट को जगह दी गई है. मैंने पहले भी कई किरदार किए है मगर इस फिल्म का किरदार मेरे काफी करीब है. जयपुर में अपने यादगार पलों को साझा करते हुए कृतिका बताती है कि मैं अपने पति के शो 'नूरजहां' के शूट के दौरान जयपुर आई थी. सभी सेट्स पैलेसेज में लगे थे, उस दौरान राजस्थान की रॉयलिटी और खूबसूरती को करीब से देखा.
वहीं दृश्य सिने प्रोडक्शन से जयपुर के प्रोड्यूसर तपेश कोटिया ने बताया कि हमें ख़ुशी है कि फिल्म के जरिए जयपुर के लोकल टैलेंट जैसे मंजरी सक्सेना, जाह्नवी सोनी, हिमांशी और चाइल्ड आर्टिस्ट आरोही और अविका ने भी अहम किरदार निभाए है. ये फिल्म एक सत्य घटना पर आधारित है जो की सालों पहले पंजाब में घटित हुई थी. इस कहानी की स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले को मनीषा ने फिल्म में साक्षात किया. अपने फ़िल्मी सफर के बारे में उन्होंने आगे बताया कि कोविड के दौरान मिले एक लम्बे अल्पविराम में मुझे फिल्म प्रोड्यूसर और डायरेक्टर बनने का ख्वाब पूरा करने का मौका मिला. इस इंडस्ट्री से मैं बिलकुल बेखबर था जिसके चलते बड़ी हिम्मत जुटा कर मैंने अपनी फीचर फिल्म जुडिशियल कस्टडी की शुरुआत की। जिसके बाद मैंने चार शॉर्ट फिल्म्स का निर्माण किया, जिसमें अभी तक बनी सब फिल्म्स सत्य घटना पर आधारित है. इन सभी में ये फिल्म मेरे दिल के सबसे करीब है क्योंकि इसमें हमे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के सामाजिक सन्देश को हर घर पर पहुंचाने का मौका मिला. फिल्म की पूरी शूटिंग जयपुर और सामोद की लोकेशंस में की गई. इस पूरे सफर के दौरान कृतिका ने काफी सहयोग किया और उनसे काफी कुछ सीखने को मिला. इससे पहले मैंने फिल्म 'बस स्टॉप' का निर्माण जाने-माने एक्टर राजेंद्र गुप्ता के साथ किया था जो एक यादगार पल रहा. अब मेरा अगला प्रोजेक्ट सत्य घटना पर आधारित क्राइम थ्रिलर है जिसकी शुरुआत जनवरी 2024 में होगी.