MSME को बड़ी राहत: राजस्थान सुविधा परिषद में 37 करोड़ से अधिक के 17 मामलों की सुनवाई, 3 महीनों में 190 प्रकरणों का निस्तारण

MSME को बड़ी राहत: राजस्थान सुविधा परिषद में 37 करोड़ से अधिक के 17 मामलों की सुनवाई, 3 महीनों में 190 प्रकरणों का निस्तारण

Ananya soch: MSME Payment Disputes

अनन्य सोच। राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSME) (Rajasthan MSME Council) को विलंबित भुगतान से राहत दिलाने के लिए राजस्थान सरकार की सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है. इसी क्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सुरेश ओला की अध्यक्षता में शुक्रवार को सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद (प्रथम) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कुल 37.44 करोड़ रुपये से अधिक राशि से जुड़े 17 मामलों की सुनवाई की गई.

(MSME Payment Disputes) बैठक के दौरान लंबित भुगतान से जुड़े विवादों पर विस्तृत चर्चा करते हुए त्वरित समाधान की दिशा में कदम उठाए गए. परिषद का उद्देश्य राज्य के सूक्ष्म और लघु उद्योगों को समय पर भुगतान दिलाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है.आयुक्त सुरेश ओला ने बताया कि पिछले तीन महीनों में राज्यभर में कुल 35 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं. इन बैठकों में 342 करोड़ रुपये से अधिक राशि के 870 प्रकरणों की सुनवाई की गई. इनमें से लगभग 47.48 करोड़ रुपये के 187 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर उद्यमियों को राहत प्रदान की गई.

उन्होंने बताया कि परिषद मुख्यालय प्रथम द्वारा पिछले तीन महीनों में लगातार 6 बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें 290.89 करोड़ रुपये के 93 मामलों की सुनवाई की गई. इन प्रयासों से सूक्ष्म और लघु उद्यमों के भुगतान विवादों के समाधान में तेजी आई है.

राज्य में 14 सुविधा परिषद सक्रिय

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (MSMED) अधिनियम, 2006 के तहत देशभर में विलंबित भुगतान विवादों के समाधान के लिए सुविधा परिषदों का गठन किया गया है. इसी व्यवस्था के तहत राजस्थान में कुल 14 सुविधा परिषद कार्यरत हैं.

राज्य में दो राज्य स्तरीय परिषद कार्य करती हैं. आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य की अध्यक्षता वाली परिषद में 75 लाख रुपये से अधिक राशि वाले मामलों की सुनवाई होती है. वहीं वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक की अध्यक्षता वाली दूसरी परिषद में 25 लाख से 75 लाख रुपये तक के मामलों का निस्तारण किया जाता है. इसके अलावा 25 लाख रुपये से कम राशि वाले मामलों के लिए संभाग स्तर पर परिषदें गठित की गई हैं.

ऑनलाइन ODR पोर्टल से मिलेगा डिजिटल समाधान

(ODR Portal MSME) राज्य सरकार ने MSME उद्यमियों के लिए ऑनलाइन विवाद समाधान (ODR) पोर्टल भी शुरू किया है. इस पोर्टल के माध्यम से सूक्ष्म और लघु उद्यम अपने लंबित भुगतान से जुड़े मामलों का ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. पोर्टल पर पूरी जानकारी अपलोड करने के बाद मामला राशि और क्षेत्र के अनुसार संबंधित सुविधा परिषद को स्वतः ट्रांसफर हो जाता है. इससे विवादों के समाधान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो रही है.