बिचून में बनेगा माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, कलाकारों को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री की घोषणाओं से माटी कला को मिली नई पहचान, 5000 इलेक्ट्रिक चाक और मशीनों का होगा वितरण

May 21, 2026 - 14:50
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बिचून में बनेगा माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, कलाकारों को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

अनन्य सोच। राजस्थान सरकार के श्रीयादे माटी कला बोर्ड ने प्रदेश की पारंपरिक माटी कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जयपुर के रीको बिचून में “माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” स्थापित किया जाएगा, जिससे माटी कलाकारों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह निर्णय 12 मई 2026 को आयोजित बोर्ड की षष्ठम गवर्निंग बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

दो वर्षों में मिला रिकॉर्ड बजट

बोर्ड ने बताया कि पिछले दो वर्षों में माटी कला क्षेत्र को पिछले 10 वर्षों से भी अधिक बजट आवंटित किया गया है। बोर्ड द्वारा किए गए कार्यों और सरकारी योजनाओं को समाहित करते हुए “माटी राजस्थान री” पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री के करकमलों से किया गया। साथ ही प्रदेशभर की विभिन्न माटी कला विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 45 कलाकारों को “माटी के लाल” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

आधुनिक तकनीक से बढ़ेगा रोजगार

बजट वर्ष 2026-27 के तहत 5000 विद्युत चालित चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनें वितरित की जाएंगी। इससे उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और कलाकारों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा सभी माटी कलाकारों और कामगारों के लिए आर्टिजन कार्ड बनाए जाएंगे तथा इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

बच्चों की शिक्षा और प्रशिक्षण पर फोकस

बोर्ड ने इस वर्ष 100 प्रशिक्षकों को राज्य से बाहर विशेष प्रशिक्षण दिलाने का निर्णय लिया है। वहीं माटी कलाकारों के बच्चों को छात्रवृत्ति और स्कूटी योजना का लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बोर्ड ने कहा कि माटी कला पर्यावरण हितैषी है और मिट्टी के बर्तनों का उपयोग स्वास्थ्य एवं प्रकृति दोनों के लिए लाभकारी है। गर्मी के मौसम में पक्षियों और छोटे जानवरों के लिए परिण्डे लगाने की अपील भी की गई।