4 करोड़ लोगों की भागीदारी, 10 करोड़ पौधों का लक्ष्य: पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने निकली राजस्थान सरकार

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा संदेश— ‘हर नागरिक बने प्रकृति का प्रहरी, तभी बनेगा हरित और जल-संपन्न राजस्थान’

Jun 5, 2026 - 17:51
Jun 5, 2026 - 17:52
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4 करोड़ लोगों की भागीदारी, 10 करोड़ पौधों का लक्ष्य: पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने निकली राजस्थान सरकार

अनन्य सोच। विश्व पर्यावरण दिवस पर राजस्थान सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से बिजली और पानी की बचत, Plantation, Water Conservation, प्लास्टिक के कम उपयोग और Eco-Friendly Lifestyle अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज के प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, निर्मल जल और हरित पर्यावरण प्रदान करेंगे। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि Vande Ganga Jal Sanrakshan Jan Abhiyan अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इस अभियान में अब तक करीब 4 करोड़ नागरिकों ने भागीदारी निभाई है, जिनमें 1 करोड़ 80 लाख महिलाएं शामिल हैं। इससे प्रदेशभर में जल संरक्षण और संवर्धन के व्यापक कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि Mission Hariyalo Rajasthan के तहत अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक लगभग 19 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि Ek Ped Maa Ke Naam Campaign में राजस्थान ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल कर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अलवर और भिवाड़ी में Early Warning System का शुभारंभ किया तथा राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल और CSIR के बीच तकनीकी सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी करवाए। साथ ही आरएसपीसीबी के चार नए क्षेत्रीय कार्यालयों का शिलान्यास, सात नई पौधशालाओं और आठ प्रे-बेस ऑग्मेंटेशन एनक्लोजर्स का लोकार्पण किया गया। समारोह का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला जब एक नन्हे पर्यावरण मित्र ने मंच पर पहुंचकर मुख्यमंत्री से ऑटोग्राफ मांगा। मुख्यमंत्री ने बच्चे को स्नेहपूर्वक ऑटोग्राफ देकर उसका उत्साहवर्धन किया। यह दृश्य कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यादगार बन गया। पर्यावरण संरक्षण, जल सुरक्षा और हरित विकास को केंद्र में रखकर राजस्थान सरकार की ये पहलें अब प्रदेश को Green Rajasthan और Sustainable Development की दिशा में नई गति देती नजर आ रही हैं।