आधी रात से गूंजा 'हर-हर महादेव'! सावन के पहले सोमवार पर शिवभक्ति में डूबा जयपुर, शिवालयों में उमड़ेगा जनसैलाब
सावन (Sawan) के पहले सोमवार ने जयपुर को पूरी तरह शिवमय बना दिया है। रविवार आधी रात के बाद से ही Kanwar Yatra का उत्साह चरम पर पहुंच गया। कांवड़िए पवित्र जल लेकर Shiv Temples की ओर रवाना हो गए, जबकि मंदिरों में विशेष पूजा, Rudrabhishek और Maha Aarti की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बीच प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
अनन्य सोच। सावन के पहले सोमवार को लेकर राजधानी जयपुर में भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। रविवार देर रात से ही शहर की सड़कों पर Kanwariyas का रेला नजर आने लगा। कंधों पर पवित्र जल से भरी कांवड़ और मुख पर "हर-हर महादेव" व "बोल बम" के जयघोष के साथ श्रद्धालु प्रमुख Shiv Temples की ओर बढ़ते दिखाई दिए। आधी रात के बाद शुरू हुआ यह धार्मिक उत्साह सोमवार सुबह तक चरम पर पहुंचने की उम्मीद है।
शहर के तारकेश्वर महादेव मंदिर, झारखंड महादेव मंदिर सहित प्रमुख शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके साथ ही Rudrabhishek, Jalabhishek, Dugdhabhishek और Maha Aarti जैसे विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प, फल और दूध अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
रविवार को शहर में निकली Kanwar Yatra ने धार्मिक उत्साह को और बढ़ा दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न घाटों और पवित्र जल स्रोतों से जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए शिवालयों तक पहुंचे। रास्तेभर शिव भजनों और धार्मिक नारों की गूंज सुनाई देती रही। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा, शीतल जल, फल और प्रसाद की व्यवस्था कर कांवड़ियों का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों ने Queue Management और दर्शन व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। प्रमुख मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और Traffic Management की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से शिव पूजन और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही वजह है कि हर वर्ष इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचते हैं। सोमवार को सुबह से देर रात तक शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहने की संभावना है और पूरा जयपुर Shiv Bhakti के रंग में रंगा नजर आएगा।