आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, टैरिफ पर वार! ब्रिक्स के मंच से भारत ने बिना नाम लिए साधा अमेरिका पर निशाना

Sep 13, 2026 - 15:32
Sep 13, 2026 - 22:23
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आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, टैरिफ पर वार! ब्रिक्स के मंच से भारत ने बिना नाम लिए साधा अमेरिका पर निशाना

अनन्य सोच । ब्रिक्स समिट में शनिवार को भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत देखने को मिली। पश्चिम एशिया संकट को लेकर सदस्य देशों के बीच गहरे मतभेद होने के बावजूद 'New Delhi Declaration' को सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। इस घोषणापत्र में आतंकवाद से लेकर वैश्विक व्यापार तक कई अहम मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया गया, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी की चीन और रूस के राष्ट्रपतियों के साथ मुलाकात ने भी सबका ध्यान खींचा।

बिना नाम लिए ट्रम्प की टैरिफ नीति पर निशाना

घोषणापत्र की सबसे खास बात रही कि ब्रिक्स देशों ने अमेरिका या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का सीधे तौर पर जिक्र किए बगैर मनमाने Tariffs और प्रतिबंधों पर गहरी चिंता जताई। बयान में साफ कहा गया कि Security Council की मंजूरी के बिना लगाए गए प्रतिबंध अनिश्चितता को बढ़ाते हैं और यह विकासशील देशों के अधिकारों पर सीधी चोट है। यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले करीब दो साल से अमेरिका दुनियाभर के देशों पर एकतरफा टैरिफ थोपता रहा है। साथ ही यह भी दोहराया गया कि Local Currency में व्यापार और भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास जारी रहेंगे।

पहलगाम हमले की निंदा, आतंकवाद पर सख्त संदेश

घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। बयान में सीमा पार आतंकी नेटवर्क, उनकी फंडिंग और पनाहगाहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जरूरत पर बल दिया गया। सदस्य देशों ने एक सुर में कहा कि Terrorism को लेकर दुनिया को Zero Tolerance की नीति अपनानी होगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर भी सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की गई, ताकि वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो।

UNSC सुधार पर चीन-रूस का साथ, दोस्ती की तस्वीर वायरल

समिट के दौरान एक तस्वीर खासा चर्चा का विषय बनी, जिसमें पीएम मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गर्मजोशी से हाथ मिलाते नजर आए। इसे भारत, चीन और रूस के त्रिपक्षीय समूह यानी RIC के बीच बेहतर होते तालमेल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इसी बीच एक अहम घटनाक्रम में चीन और रूस ने Security Council में सुधार को लेकर भारत और ब्राजील की बड़ी भूमिका का समर्थन किया।

मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, सीमा विवाद पर बनी सहमति

समिट के इतर पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई मुलाकात के बाद रिश्तों में आई प्रगति का स्वागत किया। मोदी ने जिनपिंग से साफ शब्दों में कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद कभी विवाद का रूप न लें, और Border Peace ही आपसी रिश्तों की मजबूत बुनियाद है। उन्होंने पारस्परिक सम्मान और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर आगे बढ़ने की बात कही। दोनों पक्षों ने सीमा विवाद के निष्पक्ष समाधान के साथ-साथ Trade Imbalance को दूर करने की जरूरत पर भी सहमति जताई। वहीं जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन एक-दूसरे की खूबियों से सीखते हुए मिलकर आगे बढ़ सकते हैं।