AIIMS जोधपुर को मिला अगले 10 साल का बड़ा विजन, मुख्य सचिव ने रखा वैश्विक बनाने का खाका
अनन्य सोच । जोधपुर एम्स के फाउंडेशन डे पर मुख्य सचिव ने संस्थान को दुनिया के टॉप मेडिकल हब में बदलने का सपना साझा किया। जानिए कैसे बदलेगी अगले एक दशक में एम्स की तस्वीर।
फाउंडेशन डे पर मिला बड़ा संदेश
गुरुवार को AIIMS Jodhpur के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास खास मेहमान के तौर पर पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने संस्थान की देश-विदेश में बनी पहचान का जिक्र करते हुए इसे और मजबूत Brand बनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं में एम्स की भूमिका को सराहा और आने वाले 10 सालों के लिए एक व्यापक Vision सबके सामने रखा, साथ ही इसे धरातल पर उतारने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
Research और Technology बनेंगे तरक्की की नींव
मुख्य सचिव ने कहा कि Medical Education, आधुनिक Infrastructure, Technology और विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से देश के मेडिकल संस्थानों को मजबूत किया जा रहा है। उनका कहना था कि अगले दशक में एम्स को Global Research, Clinical Excellence और Medical Education के मामले में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान बनाना होगा, जिसके लिए Quality और Patient-Friendly Care को केंद्र में रखना जरूरी है।
1000 बेड और रोजाना हजारों मरीजों की सेवा
मुख्य सचिव ने बताया कि साल 2012 में स्थापित हुआ जोधपुर एम्स आज राजस्थान में एडवांस स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बन चुका है। 1,000 Bed वाला यह संस्थान हर दिन करीब 6,000 मरीजों को OPD सेवा और 250 से ज्यादा मरीजों को Emergency Care दे रहा है। इसके साथ ही यहां बाल हृदय शल्य चिकित्सा, TAVI, ECMO, बोन मैरो और Stem Cell Transplant जैसी जटिल चिकित्सा सेवाओं में भी संस्थान ने अपनी खास पहचान बनाई है।
देशभर में मेडिकल एजुकेशन का बढ़ता दायरा
अपने संबोधन में श्रीनिवास ने बताया कि 2014 में देश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 181 थी, जो 2026 में बढ़कर 441 हो गई है, जबकि कुल Medical Colleges की संख्या 823 तक पहुंच गई है। इसी दौरान स्नातक स्तर की मेडिकल सीटें 51,348 से बढ़कर 1,36,939 और स्नातकोत्तर सीटें 31,185 से 86,360 तक पहुंच गई हैं, जो मेडिकल एजुकेशन के तेज विस्तार को दर्शाता है।
Digital Health और AI बनेंगे भविष्य की दिशा
मुख्य सचिव ने Digital Transformation को स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने का बड़ा जरिया बताया। उन्होंने Electronic Medical Records, Digital Hospital System और Remote Patient Monitoring जैसी तकनीकों पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने Genomics, AI आधारित रिसर्च और मजबूत Clinical Groups विकसित करने की जरूरत बताई, ताकि एम्स को वैश्विक स्तर पर बड़ी पहचान मिल सके। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने एम्स जोधपुर की निरंतर सफलता की कामना की।