जयपुर के 4 वार्डों में दोबारा वोटिंग, गड़बड़ी करने वाले पीठासीन अधिकारी पर गिरी गाज
नगर निगम चुनाव में जिस वजह से चार वार्डों में दोबारा मतदान कराना पड़ा, उसी मामले में अब एक अधिकारी पर बड़ी कार्रवाई हो गई है। जानिए पूरा मामला।
अनन्य सोच। नगर निगम जयपुर के वार्ड संख्या 9, 18, 25 और 34 में बुधवार को पुनर्मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि ईवीएम मशीन में परिणाम प्रदर्शित न होने की तकनीकी दिक्कत के चलते विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 9 और 18 तथा झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 25 और 34 के कुल पांच बूथों पर दोबारा मतदान कराना पड़ा। इनमें वार्ड 9 के बूथ 111, वार्ड 18 के बूथ 235, वार्ड 25 के बूथ 343 और वार्ड 34 के बूथ 477 व 484 शामिल थे।
मतदान प्रतिशत की बात करें तो वार्ड 9 में 73.22%, वार्ड 18 में 72%, वार्ड 25 में सबसे ज्यादा 81.63% और वार्ड 34 में 61.24% वोटिंग दर्ज की गई। कुल मिलाकर पांचों बूथों पर 6,253 मतदाताओं में से 4,372 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, यानी औसत मतदान प्रतिशत 69.92% रहा।
इसी बीच एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया। वार्ड 34 के बूथ 477 पर तैनात पीठासीन अधिकारी मनीष कुमार शर्मा, जो पेशे से व्याख्याता हैं, पर मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार करने और मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित न करने का गंभीर आरोप लगा। रिटर्निंग अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 17 के तहत चार्जशीट थमा दी है।
निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने साफ कहा कि चुनाव जैसे राष्ट्रीय महत्व के काम में लापरवाही और कर्तव्यों का सही ढंग से पालन न करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 134(1A) के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह पूरा घटनाक्रम प्रशासन की चुनाव प्रक्रिया को लेकर सख्ती और पारदर्शिता की मंशा को साफ दर्शाता है।