486 में से 356 पेंशन केस निपटे! स्वास्थ्य भवन में लगी अनोखी 'पेंशन अदालत', मुख्य सचिव ने खुद बांटे PPO ऑर्डर
सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर! जयपुर के स्वास्थ्य भवन में एक खास अदालत लगी, जहां मुख्य सचिव खुद पेंशनर्स की समस्याएं सुनने पहुंचे और मौके पर ही कई मामलों का निपटारा कर दिया।
अनन्य सोच । राजधानी जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में बुधवार को एक अनूठी पहल के तहत "पेंशन अदालत" (Pension Court) का आयोजन किया गया, जहां मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने खुद मौजूद रहकर 13 पेंशनर्स को पेंशन भुगतान आदेश (PPO) सौंपे। इतना ही नहीं, उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश भर के विभिन्न मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों में मौजूद पेंशनर्स से सीधा संवाद भी किया और उनकी दिक्कतें व सुझाव सुने।
इस मौके पर मुख्य सचिव ने राजस्थान के पेंशन सिस्टम की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि यह देश के सबसे बेहतरीन सिस्टम्स में शुमार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेंशनर्स की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, और अब इसी तर्ज पर जिला स्तर पर भी पेंशन अदालतें आयोजित की जाएंगी। साथ ही, प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए डिजिटल पीपीओ (Digital PPO) जारी करने की दिशा में भी काम चल रहा है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने एक बड़ी उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जुलाई माह से अब तक विभाग में लंबित रहे कुल 486 पेंशन मामलों में से 356 का निस्तारण किया जा चुका है, और बाकी बचे मामलों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
पेंशनर्स को राहत देने के लिए मुख्य सचिव ने एक और अहम सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आरजीएचएस योजना (RGHS Scheme) के तहत जिन बड़े अस्पतालों में मरीजों की भीड़ ज्यादा रहती है, वहां पेंशनर्स के लिए अलग से ओपीडी काउंटर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें लंबी कतारों में इंतजार न करना पड़े। इसके अलावा उन्होंने पेंशनर्स एसोसिएशन बनाने और अनुभवी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अनुभव साझा करने के लिए विशेष सत्र आयोजित करने का भी सुझाव दिया।
कार्यक्रम में मौजूद पेंशनर्स ने सरकार के ऑनलाइन पेंशन पोर्टल और आरजीएचएस योजना की जमकर सराहना की। बैठक में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।