जयपुर के Akshardham Mandir में Diwali और Annakut Mahotsav, 6 से 10 नवंबर तक होंगे विशेष आयोजन
जयपुर के वैशाली नगर स्थित स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में 6 से 10 नवंबर तक Diwali उत्सव मनाए जाएंगे। 10 नवंबर को 1100 से अधिक व्यंजनों का Annakut होगा। पूरा कार्यक्रम पढ़ें।
अनन्य सोच । वैशाली नगर स्थित स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में 6 नवंबर से 10 नवंबर तक Dhanteras, Hanumanji Pujan, Diwali, Govardhan Puja और Annakut सहित कई उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाए जाएंगे। इस मौके पर पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
मंदिर के कोठारी संत पूज्य जयतीर्थ स्वामीजी के अनुसार, इन उत्सवों के जरिए संत शास्त्रों के अनुरूप हर पर्व का आध्यात्मिक महत्व श्रद्धालुओं तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और भक्ति से अर्पित की गई सेवा से समाज में नई आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का संचार होता है।
उत्सवों का Schedule
उत्सवों की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस पर सुबह 7:30 बजे धनकुबेरजी और लक्ष्मीजी के वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ पूजन से होगी। 7 नवंबर को रूप चौदस पर शाम 6:15 बजे संध्या आरती से पहले वीर हनुमानजी का पूजन होगा, हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा और भगवान को मिष्ठानों का भोग लगेगा। 8 नवंबर को दीपावली पर सुबह 9 बजे बहीखाता पूजन और शाम 7 बजे दीपोत्सव आरती आयोजित होगी।
Govardhan Puja और Annakut Mahotsav
10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव होगा। सुबह 10:30 बजे प्राचीन वैष्णव परंपरा के अनुसार गोवर्धन पूजन होगा, जिसमें संत विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना करेंगे। इसके बाद भगवान को महा-अन्नकूट का भोग अर्पित किया जाएगा, जिसमें भक्तों द्वारा तैयार किए गए 1100 से अधिक शुद्ध और सात्त्विक व्यंजन शामिल होंगे। अन्नकूट सजावट के दर्शन दोपहर 12 बजे से शाम 6:30 बजे तक सभी श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।
बाल और सामाजिक गतिविधियां
मंदिर की बाल सभा के बच्चे व्यसन मुक्ति पर विशेष प्रदर्शनी लगाएंगे, जिसमें आगंतुकों को व्यसनों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। बच्चों के मनोरंजन के लिए 'Fun Zone' भी बनाया जाएगा। वहीं, महिला और पुरुष स्वयंसेवक घर सभा के माध्यम से परिवारों में एकता, सद्भाव और शांति का संदेश देंगे।
दर्शनार्थियों के लिए सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिसर में जूते-चप्पल रखने और पेयजल की निःशुल्क व्यवस्था रहेगी। इनका संचालन स्वयंसेवक करेंगे।