Octave 2026: "पापा कहते हैं" पर झूमा जयपुर, Nagaland के Choir ने मंच पर बदले आउटफिट, पूर्वोत्तर के लोक नृत्यों ने बांधा समां
जयपुर में 'ऑक्टेव 2026' के तीसरे दिन नागालैंड के युवा गायकों ने हिंदी और अंग्रेजी गीतों से दर्शकों को झुमाया। शास्त्रीय और लोक नृत्यों ने पूर्वोत्तर की संस्कृति को जीवंत किया। चार दिवसीय महोत्सव का समापन रविवार शाम 7 बजे होगा।
अनन्य सोच । जब नागालैंड के युवा गायकों ने 'पापा कहते हैं, बड़ा नाम करेगा' और 'जुबी-जुबी' जैसे हिंदी गीत गाए, तो RIC परिसर तालियों से गूंज उठा। शनिवार को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से आयोजित 'Octave 2026' में पूर्वोत्तर की संस्कृति के कई रंग देखने को मिले।
गायन के बीच मंच पर ही बदले कपड़े
Nagaland Choir में 10 से 22 वर्ष की उम्र के दस कलाकार शामिल थे। बेथल सुजु के निर्देशन में इन्होंने गाते-गाते कॉयर गाउन, स्पेनिश स्कर्ट और ग्लिटर आउटफिट बदलकर दर्शकों को चौंका दिया। 'एडिएमस', 'क्रेजी लिटल थिंग', 'डायनामाइट' और 'कांट स्टॉप द बीट' जैसे गीतों पर भी दर्शक झूमते नजर आए।
शास्त्रीय नृत्य से शुरू हुई शाम
कॉयर से पहले Manipuri Ras और Sattriya Dance ने शास्त्रीय रंग बिखेरे। इसके बाद पूर्वोत्तर के लोक नृत्यों ने मंच को वहां की संस्कृति के जीवंत कैनवास में बदल दिया।
कहीं युद्ध कौशल, कहीं गजब का संतुलन
अरुणाचल के ताई खामती Peacock Dance में आध्यात्मिक भाव दिखा। मणिपुर के पुंग चोलम में ढोल के साथ कलाबाजियों ने ऊर्जा भरी। थांगटा और चेइरोल जागोई में युद्ध और लाठी संचालन कौशल आकर्षण रहा। त्रिपुरा के होजागिरी में नृत्यांगनाओं ने घड़े पर खड़े होकर सिर पर बोतल-दीपक और हाथों में थालियां लेकर अद्भुत संतुलन दिखाया। सिक्किम का सिंघी छाम, मेघालय का वांगला, असम का बिहू, मिजोरम का सरलामकाई और नागालैंड का War Dance भी खूब सराहे गए।
विद्यार्थियों ने जानी चित्रों की कहानी
ऑक्टेव के Painting Camp और प्रदर्शनी को केंद्रीय विद्यालयों के 250 और वनस्थली की 60 विद्यार्थियों ने देखा। उन्होंने कलाकारों से चित्रों के भाव और तकनीक जानी। शिविर के प्रतिभागियों को केंद्र निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के निदेशक सुदेश शर्मा ने सम्मानित किया।
आज होगा समापन, दीया कुमारी मुख्य अतिथि
चार दिवसीय महोत्सव का समापन रविवार शाम 7 बजे होगा। मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री एवं संस्कृति मंत्री दीया कुमारी होंगी। अंतिम शाम सिंघी छाम, पुंग चोलम और बिहू की प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही लिपोकमार जुडीर के निर्देशन में नागालैंड का कॉयर ग्रुप भी प्रस्तुति देगा।