Critical Minerals Processing: कैबिनेट ने लिथियम और निकेल प्रसंस्करण के लिए 2,814 करोड़ की Capex Support Scheme को दी मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने Critical Minerals Processing के लिए 2,814 करोड़ रुपये की Capital Expenditure Support Scheme को मंजूरी दी। लिथियम और निकेल के चार प्लांट पर 30% सब्सिडी मिलेगी।

Nov 4, 2026 - 23:17
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Critical Minerals Processing: कैबिनेट ने लिथियम और निकेल प्रसंस्करण के लिए 2,814 करोड़ की Capex Support Scheme को दी मंजूरी

अनन्य सोच । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच वर्षों के लिए 'महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत व्यय सहायता योजना' को मंजूरी दे दी है। योजना के लिए 2,814 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय तय किया गया है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी।

चार Processing Plants पर 30% Capital Subsidy

योजना के तहत चार महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना के लिए पात्र निवेश पर 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। इनमें लिथियम के दो संयंत्र होंगे, जिनकी न्यूनतम क्षमता 30 हजार मीट्रिक टन प्रति संयंत्र होगी। निकेल के दो संयंत्र बनेंगे, जिनकी न्यूनतम क्षमता 50 हजार मीट्रिक टन प्रति संयंत्र होगी। प्रत्येक लाभार्थी के लिए अधिकतम सहायता लिथियम संयंत्र में 500 करोड़ रुपये और निकेल संयंत्र में 900 करोड़ रुपये तय की गई है।

Import Dependence घटाने पर फोकस

सरकार के अनुसार भारत अभी लिथियम, निकेल और कोबाल्ट जैसे खनिजों के परिष्कृत मध्यवर्ती उत्पादों और उच्च शुद्धता वाली सामग्रियों के आयात पर काफी हद तक निर्भर है। वैश्विक स्तर पर प्रसंस्करण कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित है, जिससे Supply Chain भू-राजनीतिक व्यवधानों और कीमतों के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील रहती है। योजना का लक्ष्य लिथियम और निकेल के अयस्कों व मध्यवर्ती उत्पादों को उच्च शुद्धता वाले यौगिकों में बदलना है। निकेल उत्पादन के दौरान उप-उत्पाद के रूप में कोबाल्ट मिलने की उम्मीद है। इससे Electric Mobility, Battery Energy Storage System (BESS), इलेक्ट्रॉनिकी, रक्षा और विशेष इस्पात जैसे क्षेत्रों को मदद मिलेगी।

दो चरणों में Selection, तीन चरणों में Incentive

लाभार्थियों का चयन दो चरणों में होगा। पहले चरण में आवेदनों का तकनीकी पात्रता के आधार पर मूल्यांकन होगा। केवल पात्र आवेदक ही दूसरे चरण की Financial Bidding में भाग ले सकेंगे। हर खनिज के लिए दो लाभार्थी चुने जाएंगे, और चयन उस बोलीदाता का होगा जो सबसे कम पूंजीगत सहायता मांगेगा। प्रोत्साहन राशि लक्ष्यों की प्राप्ति से जुड़े तीन चरणों में जारी की जाएगी।