'भैरव का भरम' Trailer Release: 10 लाख के Low Budget में बनी Science vs Superstition फिल्म 30 अक्टूबर को YouTube पर
धनरूप प्रोडक्शन की फिल्म 'भैरव का भरम' का Trailer रिलीज हो गया है। मात्र 10 लाख के बजट में बनी यह Hindi Film 30 अक्टूबर 2026 को YouTube पर आएगी।
अनन्य सोच । धनरूप प्रोडक्शन की Hindi Film 'भैरव का भरम' का Trailer शुक्रवार को रिलीज कर दिया गया। फिल्म 30 अक्टूबर 2026 को प्रोडक्शन हाउस के आधिकारिक YouTube Channel @DhanRoopProduction पर Release होगी। करीब 90 मिनट की इस फिल्म की Tagline है "Science Triumph Over Superstition", यानी अंधविश्वास पर विज्ञान की जीत।
Story: सैटेलाइट टावर बनाम आस्था का टकराव
कहानी 21वीं सदी के एक अत्यंत पिछड़े छोटे गांव की है, जहां एक कंपनी के लोग Satellite Tower लगाने पहुंचते हैं। टावर के लिए तय जगह पर एक पेड़ है, जिस पर मूर्ति स्थापित है। वहां पूजा के लिए एक पुजारी भी नियुक्त है। इसी को लेकर कंपनी के लोगों और श्रद्धालुओं के बीच टकराव शुरू होता है। घटनाक्रम आगे बढ़ने पर कहानी रहस्यमयी मोड़ लेती है, जो दर्शकों में Thriller का रोमांच पैदा करती है। अंत में घटनाओं से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा होता है।
Cast और Crew: राजस्थान की प्रतिभाओं का साझा प्रयास
फिल्म का लेखन और निर्देशन वीरेन्द्र रावणा ने किया है, जो मूलतः शाहपुरा (भीलवाड़ा) के निवासी हैं। निर्माता कुशवन्त सिंह चौहान और सह-निर्माता पंकज पारीक हैं। सह-निर्देशन रूपेंद्र चौधरी, समीर राज और सोवी राठौड़ ने किया है, जबकि संवाद धर्मेश कौशल ने लिखे हैं।
मुख्य कलाकारों में पंकज पारीक, प्रिया शर्मा, हितेन शर्मा, वीरेन्द्र रावणा, नैना शर्मा, राजीव जैन, आनंद गंगवार, सिकंदर चौहान, अल्ताफ हुसैन और पूजा मक्कड़ शामिल हैं। म्यूजिक और मिक्स मास्टरिंग कृष्ण कुंतल, VFX व पोस्ट प्रोडक्शन संजीव कुंतल, एडिटिंग मुंबई के संदीप डे और मुख्य कैमरा रियाज खान ने संभाला है।
Low Budget Film: युवाओं के लिए प्रेरणा
निर्माताओं के अनुसार, मात्र 10 लाख रुपये के बजट में बनी यह फिल्म सभी कलाकारों और तकनीशियनों का सामूहिक प्रयास है। टीम का मानना है कि यह पहल राजस्थान के युवाओं को Hindi Cinema की ओर प्रोत्साहित करेगी। फिल्म ग्रामीण जीवन की संवेदनाओं और चुनौतियों के साथ वहां विज्ञान के प्रवेश को भी दर्शाती है।
टीम ने स्पष्ट किया है कि फिल्म पर्यावरण या सामाजिक आस्था के विरुद्ध नहीं है, बल्कि केवल अंधविश्वास के खिलाफ है।