Octave 2026 का भव्य समापन: Diya Kumari बोलीं "यह One India Best India का सबसे अच्छा उदाहरण", जयपुर ने ABBA के सुरों पर भी दी दाद

पूर्वोत्तर भारत पर केंद्रित चार दिवसीय 'ऑक्टेव 2026' का रविवार को जयपुर में समापन हुआ। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इसे 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का सर्वोत्तम उदाहरण बताया। अंतिम शाम कॉयर, बैंड और लोक नृत्यों के नाम रही।

Oct 4, 2026 - 22:30
Oct 4, 2026 - 22:46
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Octave 2026 का भव्य समापन: Diya Kumari बोलीं "यह One India Best India का सबसे अच्छा उदाहरण", जयपुर ने ABBA के सुरों पर भी दी दाद

अनन्य सोच । आखिरी शाम पर RIC का मंच सुरों, तालियों और पूर्वोत्तर की रंगत से भरा रहा। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर के सहयोग से हुए 'Octave 2026' के समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं संस्कृति मंत्री दीया कुमारी मुख्य अतिथि रहीं।

"भारत की ताकत उसकी विविधता में"

दीया कुमारी ने कहा कि भारत की पहचान विविधता में एकता से है। उनके अनुसार, हमारी संस्कृति किसी एक भाषा, प्रदेश या परंपरा तक सीमित नहीं है। लोक परंपराओं, भाषाओं, संगीत, नृत्य, कला और शिल्प में ही देश की असली सांस्कृतिक शक्ति बसती है। उन्होंने पूर्वोत्तर को इस विविधता का समृद्ध अध्याय बताया। उन्होंने केंद्र के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी को बधाई दी और जयपुर में आयोजन के लिए धन्यवाद भी कहा। दलवी ने शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया। RIC के निदेशक एन.सी. गोयल भी मौजूद रहे।

Choir ने जीता जयपुर का दिल

लिपोकमार के निर्देशन में 16 गायकों के Choir ने 'जय हो' और 'लाखों हैं यहां दिलवाले' जैसे गीत पेश किए। दर्शकों ने सुर से सुर मिलाया और खूब दाद दी। लिपोकमार की रचना 'मेजेमसांगर नारो' भी सराही गई, जिसमें फूलों के मुरझाने और खिलने की प्रक्रिया को शब्दों में पिरोया गया है।

ABBA मेडली और 'द प्रेयर'

कार्यक्रम में स्वीडिश बैंड ABBA के गीतों का एकापेला मेडली भी हुआ, यानी बिना वाद्य यंत्र केवल स्वरों में। इसमें 'डांसिंग क्वीन', 'मम्मा मिया' और 'थैंक यू फॉर द म्यूजिक' जैसे गीत शामिल थे। उम्मीद, शांति और करुणा का संदेश देती प्रस्तुति 'द प्रेयर' ने भी दर्शकों को भावुक किया।

Alobo Naga & The Band पर झूमे श्रोता

Alobo Naga & The Band के साथ कॉयर की प्रस्तुति में पारंपरिक और समकालीन संगीत का मेल दिखा। बैंड की धमाकेदार प्रस्तुतियों पर श्रोता जमकर थिरके।

लोक नृत्यों के साथ यादगार विदाई

अंतिम दिन सिक्किम का सिंघी छाम, मणिपुर का पुंग ढोल चोलम और असम का बिहू हुआ। मंच संचालन मोहिता दीक्षित और गौरव शर्मा ने किया।