जयपुर की गद्दी पर बैठे सुनील कोठारी! 89 वोटों के साथ बने नया महापौर, एक वोट NOTA के नाम भी दर्ज
जयपुर नगर निगम की सबसे बड़ी कुर्सी को लेकर आखिरकार सस्पेंस खत्म हो गया। भारतीय जनता पार्टी ने अपने बहुमत और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से शहर को नया महापौर दे दिया, वहीं कांग्रेस को एक बार फिर विपक्ष में बैठना पड़ेगा।
अनन्य सोच । नगर निगम जयपुर (Jaipur Municipal Corporation) के महापौर पद के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सुनील कोठारी विजयी रहे। उन्हें कुल 89 वोट मिले, जिससे उनकी जीत का रास्ता साफ हो गया।
निर्दलीयों के समर्थन ने बनाया खेल आसान
बीजेपी को पहले ही 78 पार्षदों का समर्थन हासिल था, लेकिन बहुमत को और मजबूत बनाने के लिए 11 निर्दलीय पार्षदों (Independent Councillors) ने भी पार्टी का साथ दिया। इस तरह बीजेपी और निर्दलीयों को मिलाकर कुल 89 वोटों के साथ सुनील कोठारी की जीत सुनिश्चित हो गई।
कांग्रेस को मिले 61 वोट
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस (Congress) के खाते में 57 पार्षदों के साथ-साथ 4 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी आया, जिससे पार्टी को कुल 61 वोट प्राप्त हुए। हालांकि यह आंकड़ा बीजेपी के मुकाबले कम साबित हुआ।
NOTA को भी मिला एक वोट
इस चुनाव में एक दिलचस्प बात यह भी रही कि मतदान के दौरान एक वोट नोटा (NOTA) के पक्ष में भी पड़ा, जिसने चुनावी नतीजों में एक अलग ही चर्चा को जन्म दे दिया।
अब आगे क्या
सुनील कोठारी के महापौर बनने के साथ ही अब जयपुर नगर निगम में नए सिरे से विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शहरवासियों की निगाहें अब नए महापौर की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं पर टिकी हैं।