बरसों से पड़ी बेकार जमीन अब खुलेगी उद्योगों के लिए, RIICO ने बनाया आसान रास्ता
अनन्य सोच । सालों से बेकार पड़े सरकारी विभागों के औद्योगिक भूखंडों को अब नई जिंदगी मिलने जा रही है। RIICO ने ऐसा नियम बदला है जिससे न सिर्फ सरकार को फायदा होगा, बल्कि नए निवेशकों के लिए भी रास्ता खुलेगा।
आखिर क्यों पड़ी नियम बदलने की जरूरत
राज्य में लंबे समय से यह देखा जा रहा था कि कई PSU, बोर्ड, निगम, सोसायटी और केंद्र-राज्य सरकार के विभागों को Token Rate या रियायती दरों पर RIICO द्वारा Industrial Land आवंटित की गई थी। लेकिन तय शर्तों के मुताबिक इन भूखंडों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि इन जमीनों को वापस लौटाने के लिए कोई स्पष्ट Exit Policy मौजूद ही नहीं थी, जिससे यह कीमती जमीन बरसों से बेकार पड़ी रही।
अब मिलेगा आसानी से सरेंडर करने का मौका
इस समस्या को दूर करने के लिए RIICO ने Disposal of Land Rules, 1979 के नियम 18(जी)(2) में आंशिक संशोधन किया है। नए प्रावधान के तहत ऐसी सरकारी संस्थाओं को अब अपनी अनुपयोगी भूमि Voluntarily Surrender करने का साफ रास्ता मिल गया है। यानी जिन विभागों के पास ऐसी जमीन पड़ी है जिसका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा, वे अब बिना किसी उलझन के इसे वापस लौटा सकेंगे।
जमीन लौटाने पर मिलेगा कितना मुआवजा
नए नियम के मुताबिक अगर कोई संस्था अपना भूखंड सरेंडर करती है, तो RIICO उसे संबंधित औद्योगिक क्षेत्र की प्रचलित Land Allotment Rate के 50 प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान करेगा। इसके अलावा Service Charge, Economic Rent और Land Premium पर मिलने वाली छूट की वजह से बकाया या बची हुई राशि पर भी राहत दी जाएगी। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में एक शर्त साफ रखी गई है कि यह भुगतान भूमि का कब्जा RIICO को सौंपे जाने के बाद ही किया जाएगा।
नए उद्यमियों के लिए खुलेगा सुनहरा अवसर
इस पूरी कवायद का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वर्षों से बेकार पड़ी यह Industrial Land अब वापस RIICO के पास आ सकेगी। इसके बाद इन भूखंडों को नए Investors और Entrepreneurs को फिर से आवंटित किया जा सकेगा। इससे न सिर्फ इन जमीनों का सही और उत्पादक इस्तेमाल हो सकेगा, बल्कि उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों के लिए भी नए मौके पैदा होंगे।
राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
एक्सपर्ट्स का मानना है कि RIICO की इस पहल से न सिर्फ Industrialization को रफ्तार मिलेगी, बल्कि राज्य में नए निवेश को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। बेकार पड़ी जमीन के दोबारा इस्तेमाल में आने से रोजगार के नए अवसर बनने की भी पूरी संभावना है। कुल मिलाकर यह कदम राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।