चाय की दुकान से PMO तक: 17 सितंबर ने बदल दी नरेंद्र मोदी की जिंदगी की कहानी

Narendra Modi Birthday Special: 17 सितंबर को जन्मे नरेंद्र मोदी के वडनगर के बचपन, Tea Stall, भारत भ्रमण, RSS से जुड़ाव और Prime Minister बनने तक की यात्रा जानें।

Sep 17, 2026 - 08:01
Sep 17, 2026 - 08:12
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चाय की दुकान से PMO तक: 17 सितंबर ने बदल दी नरेंद्र मोदी की जिंदगी की कहानी

अनन्य सोच । आज 17 सितंबर है और प्रधानमंत्री Narendra Modi Birthday मना रहे हैं। 1950 में गुजरात के वडनगर में जन्मे मोदी का शुरुआती जीवन साधारण पारिवारिक परिस्थितियों में बीता। चाय की दुकान से लेकर राजनीति के शीर्ष पद तक पहुंचने के बीच उनकी जिंदगी में कई ऐसे पड़ाव आए, जिनकी कहानी आज भी उनके सार्वजनिक जीवन का अहम हिस्सा है।

वडनगर की गलियों से शुरू हुआ सफर

नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी के मुताबिक वे स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। वे दामोदरदास मोदी और हीराबा मोदी की तीसरी संतान हैं। परिवार सीमित साधनों में रहता था और उनका घर करीब 40x12 फीट का छोटा एक मंजिला मकान बताया गया है।

बचपन में परिवार की आर्थिक जरूरतों में हाथ बंटाने के लिए उन्होंने परिवार की Tea Stall पर काम किया। उनके शुरुआती वर्षों को पढ़ाई के साथ परिवार के काम में सहयोग करने और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने के दौर के रूप में दर्ज किया गया है।

पढ़ाई से ज्यादा बहस और किताबों में दिलचस्पी

स्कूली दिनों की बात करें तो आधिकारिक जीवनी में मोदी के साथियों की यादों का उल्लेख मिलता है। उनके अनुसार वे पढ़ाई के साथ Debate, Reading और अन्य गतिविधियों में रुचि रखते थे। स्थानीय लाइब्रेरी में समय बिताना और किताबें पढ़ना भी उनकी शुरुआती आदतों में शामिल बताया गया है।

वडनगर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक माहौल भी उनके व्यक्तित्व से जुड़ी चर्चाओं में आता है। प्रधानमंत्री मोदी ने बाद के वर्षों में अपने जन्मस्थान के इतिहास, बौद्ध परंपरा और वहां की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया है।

17 साल की उम्र में घर छोड़ा, फिर शुरू हुई यात्रा

उनकी जीवन-कथा का एक महत्वपूर्ण मोड़ किशोरावस्था में आया। करीब 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने घर छोड़ा और लगभग दो वर्षों तक भारत के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न संस्कृतियों और स्थानों को करीब से देखा। (PM India)

इसी दौर में Spirituality और Swami Vivekananda के विचारों का उनके जीवन पर प्रभाव पड़ने की बात आधिकारिक जीवनी में दर्ज है। प्रधानमंत्री मोदी ने अलग-अलग मौकों पर अपने शुरुआती आध्यात्मिक अनुभवों और रामकृष्ण मिशन से जुड़े प्रसंगों को भी साझा किया है। (PM India)

RSS से राजनीति तक पहुंची राह

यात्राओं के बाद वे अहमदाबाद पहुंचे और Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) से जुड़े। PMO की जीवनी के अनुसार 1972 से उन्होंने RSS में प्रचारक के रूप में काम किया। आगे चलकर उनका राजनीतिक सफर Bharatiya Janata Party (BJP) के संगठन से जुड़ा और वे गुजरात की राजनीति में सक्रिय हुए। (PM India)

गुजरात के CM से देश के PM तक

नरेंद्र मोदी ने 2001 में Gujarat Chief Minister के रूप में कार्यभार संभाला और 2014 तक इस पद पर रहे। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। PMO के रिकॉर्ड के अनुसार 2019 में उन्होंने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 

आज, 17 सितंबर 2026, उनके जन्मदिन पर उनके जीवन के इन पड़ावों को फिर से याद किया जा रहा है। वडनगर का बचपन, Tea Stall, देशभर की यात्राएं, RSS से जुड़ाव, गुजरात की राजनीति और फिर Prime Minister of India का पद—यह उनकी सार्वजनिक जीवन-यात्रा के वे प्रमुख पड़ाव हैं, जिनका उल्लेख उनकी आधिकारिक जीवन-कथा में मिलता है।