15 दिन नहीं, पूरा एक महीना: कलाकारों ने सरकार को दिया आखिरी मौका, फिलहाल टला क्रमिक अनशन
संयुक्त कलाकार अभियान ने राजस्थान सरकार को ज्ञापन सौंपकर क्रमिक अनशन फिलहाल स्थगित किया, सांस्कृतिक संस्थाओं की समस्याओं के समाधान के लिए दिया एक माह का समय।
Quick Read / Key Highlights
संयुक्त कलाकार अभियान ने 26 अगस्त को राजस्थान सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर मंच की प्रबंधक को सांस्कृतिक संस्थाओं की बदहाली व कलाकारों की लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
कला एवं संस्कृति विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी अनुपम कायल ने समाधान के लिए 15 दिन मांगे, कलाकारों ने एक माह का समय देकर अनशन फिलहाल स्थगित किया।
प्रमुख मांगों में रवीन्द्र मंच का जीर्णोद्धार, जवाहर कला केंद्र के बजट कटौती की समीक्षा तथा संगीत नाटक अकादमी का पुनर्गठन शामिल।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राजस्थानी कलाकारों को प्राथमिकता तथा कला सलाहकार नियुक्ति की भी मांग उठाई गई।
अभियान ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपील की, एक माह बाद भी कार्रवाई न होने पर आंदोलन व्यापक करने की चेतावनी दी।
ज्ञापन सौंपकर टाला गया प्रस्तावित अनशन
अनन्य सोच। राजस्थान की प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं की बदहाल स्थिति, कलाकारों की लंबित मांगों तथा पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर अपेक्षित कार्रवाई न होने के विरोध में संयुक्त कलाकार अभियान की ओर से बुधवार को राजस्थान सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने के बाद रवीन्द्र मंच की प्रबंधक कविता गोदारा की मौजूदगी में कला एवं संस्कृति विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी अनुपम कायल से कलाकार प्रतिनिधियों की बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन का समय मांगा।
एक माह का दिया गया अंतिम अवसर
कलाकार प्रतिनिधियों ने सरकार के साथ सकारात्मक संवाद का अवसर देते हुए 15 दिन के बजाय एक माह का समय देने का निर्णय लिया, और इसी के साथ 26 अगस्त से प्रस्तावित क्रमिक अनशन को फिलहाल स्थगित कर दिया। अभियान ने स्पष्ट किया कि यह एक माह का समय कलाकारों की मांगों के समाधान के लिए अंतिम रूप से दिया गया अवसर है। यदि इस अवधि में ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को पुनः विस्तृत रूप दिया जाएगा और आगे की रणनीति घोषित की जाएगी।
पहले भी कई बार सौंपे जा चुके ज्ञापन
संयुक्त कलाकार अभियान के माध्यम से राजस्थान सरकार को इससे पहले भी कई बार ज्ञापन एवं पत्र देकर रवीन्द्र मंच, जवाहर कला केंद्र, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी तथा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर सहित प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं की समस्याओं और कलाकारों की मांगों से अवगत कराया जा चुका है।
रवीन्द्र मंच के जीर्णोद्धार सहित कई मांगें
अभियान की प्रमुख मांगों में रवीन्द्र मंच का विशेषज्ञों की निगरानी में तत्काल संपूर्ण एवं उच्च गुणवत्ता वाला जीर्णोद्धार, आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति तथा कॉफी हाउस, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग एवं यातायात जैसी मूलभूत सुविधाओं का स्थायी समाधान शामिल है। इसके साथ ही जवाहर कला केंद्र के बजट में की गई कटौती की समीक्षा, पर्याप्त बजट व कर्मचारियों की उपलब्धता, गैर-व्यावसायिक सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए ऑडिटोरियम बुकिंग दरों में रियायत तथा प्रभावी गवर्निंग काउंसिल के गठन की भी मांग रखी गई है।
संगीत नाटक अकादमी के पुनर्गठन की भी मांग
अभियान की अन्य मांगों में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी का पुनर्गठन एवं रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राजस्थान के कलाकारों को प्राथमिकता, कला एवं संस्कृति विभाग में विभिन्न कला क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को सलाहकार के रूप में नियुक्त करना तथा सभी प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती व पर्याप्त बजट सुनिश्चित करना शामिल है।
शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा आंदोलन
संयुक्त कलाकार अभियान ने कहा कि यह अभियान पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा। सरकार को एक माह का समय दिया गया है और यदि इस अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई होती है तो कलाकार उसका स्वागत करेंगे, अन्यथा आंदोलन को पुनः व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा। अभियान ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं उपमुख्यमंत्री तथा कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी से कलाकारों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने तथा सांस्कृतिक संस्थाओं की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।