जयपुर की चारों सीटें कांग्रेस की झोली में, अब 25 सितंबर को तय होगा मेयर का ताज किसके सिर
री-पोलिंग के नतीजों ने राजस्थान की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। जयपुर में एकतरफा नतीजों के बाद अब सबकी निगाहें मेयर की कुर्सी पर टिक गई हैं।
अनन्य सोच । प्रदेश के तीन बड़े नगर निगमों और एक नगर पालिका में हुई री-पोलिंग के नतीजे सामने आ गए हैं, और इसमें कांग्रेस ने बाजी मारते हुए बड़ी बढ़त बना ली है। कुल 9 वार्डों में से कांग्रेस ने 6 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को महज 3 सीटों से संतोष करना पड़ा। EVM में तकनीकी खराबी के चलते इन वार्डों में दोबारा मतदान कराना पड़ा था।
सबसे बड़ा उलटफेर जयपुर में देखने को मिला, जहां चारों विवादित सीटों पर कांग्रेस ने क्लीन स्वीप किया। वार्ड 9 से कैलाशी देवी, वार्ड 18 से वंदिता शर्मा, वार्ड 25 से रेखा देवी और वार्ड 34 से सुरेश यादव ने जीत दर्ज की। इस जीत के साथ राजधानी में कांग्रेस पार्षदों की संख्या 53 से बढ़कर 57 हो गई है, जो पार्टी के लिए बड़ी राहत की खबर है।
वहीं जोधपुर में तस्वीर कुछ अलग रही। वार्ड 50 में भाजपा प्रत्याशी हेमाराम चौधरी ने कांग्रेस के युवराज को कड़े मुकाबले में महज 83 वोटों के मामूली अंतर से हराया। हेमाराम को कुल 1,725 वोट मिले। इस जीत के बाद जोधपुर में भाजपा पार्षदों की संख्या 45 हो गई है।
कोटा नगर निगम में भी दिलचस्प नतीजे आए, जहां तीन वार्डों में से भाजपा ने 2 पर कब्जा किया। वार्ड 11 से कांग्रेस की कमलेश जीतीं, तो वार्ड 44 से भाजपा के प्रेमसिंह और वार्ड 87 से भाजपा की पुष्पा चौधरी ने बाजी मारी। इसके अलावा कोटा जिले की सुकेत नगर पालिका में भी कांग्रेस ने जीत हासिल की।
इन नतीजों के बाद अब सबकी नजरें मेयर और पालिकाध्यक्ष की कुर्सी पर टिक गई हैं। जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका में मेयर-डिप्टी मेयर तथा पालिकाध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव अब 25 और 26 सितंबर को होंगे। इसके लिए नॉमिनेशन प्रक्रिया 19 सितंबर से शुरू होगी और नाम वापसी की आखिरी तारीख 22 सितंबर रहेगी। बता दें कि री-पोलिंग की वजह से पहले तय 21 और 22 सितंबर के मेयर चुनाव को रद्द करना पड़ा था, जिसके बाद अब नई तारीखों का ऐलान किया गया है।