जयपुर में सजेगा राजपूती वैभव का मंच, 'जश्न' एग्जीबिशन में दिखेगी लुप्त होती कलाओं की झलक
अगर आपको राजस्थान की मिट्टी से जुड़ी परंपराएं और शाही अंदाज पसंद हैं तो यह वीकेंड आपके लिए खास होने वाला है। जयपुर में सज रहा है एक ऐसा मंच, जो भूली-बिसरी विरासत को फिर से जिंदा कर देगा।
अनन्य सोच । राजधानी में 19 और 20 सितंबर को एक खास आयोजन होने जा रहा है, जिसमें राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, राजपूती परंपराओं और शादी-ब्याह की रौनक एक ही छत के नीचे देखने को मिलेगी। वैशाली नगर स्थित केसरी बाग में सजने वाले इस 'जश्न - वेडिंग एंड लाइफस्टाइल एग्जीबिशन' को जश्न की हर्षिका राणावत और चिरिया की कल्पना राणावत द्वारा क्यूरेट किया जा रहा है। पहले दिन के कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ एक वेडिंग एग्जीबिशन नहीं, बल्कि राजस्थान की उन कलाओं और शिल्प परंपराओं को सामने लाने की एक कोशिश है, जो धीरे-धीरे विलुप्त होने के कगार पर हैं। आयोजकों का मानना है कि प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में बसी ऐसी कई कलाएं और रीति-रिवाज हैं, जिन्हें आज की पीढ़ी के सामने ठीक से रखा ही नहीं गया, और यही 'जश्न' का असली मकसद है।
एग्जीबिशन में मुलाकात होगी राजस्थान के पारंपरिक रंगों, वस्त्रों, हस्तशिल्प और कलात्मक अभिव्यक्तियों से। इसके साथ ही यहां राजस्थानी दूल्हा-दुल्हन की पारंपरिक वेशभूषा, सदियों पुरानी विवाह रस्में और लोक उत्सवों की झलक भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। आयोजकों के मुताबिक 'जश्न' के जरिए मेवाड़ी सुंदरता और राजपूती संस्कृति के उस पहलू को दिखाया जाएगा, जो अक्सर आम आयोजनों में देखने को नहीं मिलता।
इस दो दिवसीय आयोजन में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से आए कारीगर, डिजाइनर और कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिससे संस्कृति, शिल्प और वैवाहिक परंपराओं का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यह मंच न सिर्फ शादी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए प्रेरणा का जरिया बनेगा, बल्कि राजस्थान की उस विरासत से भी रूबरू कराएगा, जिसे संजोए रखना आज के दौर में बेहद जरूरी हो गया है।