हाथी-घोड़े, पालकी और 1100 किलो फूलों का श्रृंगार! भक्तिमय हुई गुलाबी नगरी, गूंजे जयकारे
अनन्य सोच। इन दिनों गुलाबी नगरी पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबी नजर आ रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई बड़े धार्मिक आयोजनों की धूम मची हुई है। कहीं फूलों से सजा अनूठा श्रृंगार लोगों का मन मोह रहा है, तो कहीं सदियों पुरानी परंपरा को निभाते हुए शोभायात्रा निकाली गई। साथ ही एक बड़े जयंती महोत्सव की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। आइए जानते हैं शहर में इन दिनों क्या-क्या खास हो रहा है।
324वीं जयंती पर सजेगा सरस निकुंज, छह दिन चलेगा उत्सव
सुभाष चौक स्थित श्री सरस निकुंज में आचार्य महाप्रभु श्री श्यामचरणदास जी महाराज की 324वीं जयंती को लेकर बड़ी तैयारियां चल रही हैं। 14 से 19 सितंबर तक चलने वाले इस Anniversary Celebration में अभिषेक-श्रृंगार, बधाई गायन, नृत्यगान और रात्रि जागरण जैसे कार्यक्रम होंगे। श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज की मौजूदगी में शुभारंभ 14 सितंबर सुबह अभिषेक से होगा, जबकि समापन 19 सितंबर को राधाष्टमी और आचार्य छठी बधाई महोत्सव के साथ होगा। पूरे परिसर को फूलों और बांदरवाल से सजाया जा रहा है।
1100 किलो फूलों से सजा श्याम प्रभु का दरबार, झूमे श्रद्धालु
वहीं चांदपोल बाजार स्थित श्री रामचंद्रजी मंदिर में शनिवार को श्री राधे राधे सेवा परिवार का 21वां Annual Function भारी उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत रही कलकत्ता से आए कारीगरों द्वारा तैयार किया गया श्याम प्रभु का खास श्रृंगार, जिसमें करीब 1100 किलो फूलों का इस्तेमाल हुआ। महामंत्री चेतन अग्रवाल के मुताबिक भजन संध्या में अमित नामा, महेश परमार और धमाल किंग मनीष गर्ग घीवाला ने ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। कानपुर से आए श्रेष्ठ दीक्षित ने मध्यरात्रि में माइक संभालकर तीन घंटे तक भजनों का दौर चलाया।
266 साल पुरानी परंपरा, हाथी-घोड़ों संग निकली भव्य शोभायात्रा
शहर के परकोटे में शनिवार सुबह एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब 266 साल पुरानी परंपरा के तहत सीतारामजी की Nagar Parikrama निकाली गई। हाथी, घोड़े और सजी-धजी पालकी के साथ निकली यह यात्रा छोटी चौपड़ से शुरू होकर त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार, एमआई रोड होते हुए गलता तीर्थ पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। इसके बाद यात्रा वापस शहर होते हुए सांगानेरी गेट पहुंची, जहां विधायक बालमुकुंदाचार्य ने महाआरती की। पूरे रास्ते जयकारों और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना रहा, और शाम होते-होते यात्रा फिर से शोभायात्रा के भव्य रूप में तब्दील होकर छोटी चौपड़ स्थित मंदिर पहुंची।