हाथी को गणेश स्वरूप मानकर हुई पूजा! आमेर के 'वीरु' के माथे पर सजा स्वस्तिक, देखते रह गए लोग

Sep 14, 2026 - 14:56
Sep 14, 2026 - 14:59
 0
हाथी को गणेश स्वरूप मानकर हुई पूजा! आमेर के 'वीरु' के माथे पर सजा स्वस्तिक, देखते रह गए लोग

अनन्य सोच । गणेश चतुर्थी के मौके पर जहां शहर के गणेश मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ नजर आई, वहीं आमेर में एक अनोखा और भावुक नजारा देखने को मिला। यहां एक हाथी की इस तरह पूजा-अर्चना की गई कि आसपास मौजूद लोग भी ठहर कर देखने लगे। आखिर क्या था इस अनूठी पूजा के पीछे की कहानी, जानिए पूरी बात।

मोती डूंगरी से लेकर हर गणेश मंदिर तक उमड़ी भीड़

गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर सोमवार को शहर के Moti Dungri Ganesh Temple समेत तमाम गणेश मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्त भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते नजर आए। शहरभर में बप्पा के भक्तों का उत्साह चरम पर रहा।

आमेर में हाथी वीरु का हुआ खास श्रृंगार

इसी बीच आमेर से एक दिलचस्प खबर सामने आई, जहां हाथी मालिक बंटी ने अपने हाथी वीरु की गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजा की। उन्होंने वीरु के माथे पर तिलक लगाया और उसे फूलों की माला पहनाई। सबसे खास बात यह रही कि वीरु के माथे पर विधिवत Swastik Symbol भी बनाया गया, जो इस पूजा को और भी श्रद्धामय बना गया।

गणेश स्वरूप मानकर हुई श्रद्धा भरी आराधना

हाथी मालिक बंटी ने बताया कि उन्होंने गणेश चतुर्थी के इस पावन दिन पर वीरु को साक्षात गणेश स्वरूप मानकर पूरे श्रद्धाभाव से उसकी पूजा की। उनका मानना है कि जिस तरह भगवान गणेश को हाथी के मुख वाला माना जाता है, उसी आस्था के साथ वे हर साल इस दिन वीरु की खास पूजा-अर्चना करते हैं। इस भावुक नजारे को देखकर आसपास मौजूद लोगों में भी गजब का उत्साह देखने को मिला और कई लोगों ने इस पल को अपने कैमरों में भी कैद किया।