इटली के तट से समंदर की लहरों पर सवार हुआ भारत का गौरव, जानें क्यों खास है सुदर्शिनी की यह यात्रा

Sep 13, 2026 - 22:49
Sep 13, 2026 - 22:59
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इटली के तट से समंदर की लहरों पर सवार हुआ भारत का गौरव, जानें क्यों खास है सुदर्शिनी की यह यात्रा

अनन्य सोच । भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ने एक बार फिर विदेशी धरती पर भारत की समुद्री ताकत और दोस्ती का परचम लहराया है। इटली के लिवोर्नो बंदरगाह पर सफल यात्रा पूरी करने के बाद यह पोत आगे की यात्रा पर रवाना हो चुका है। इस दौरे में दोनों देशों के बीच जो हुआ, वह भारत-इटली संबंधों के लिए एक नई मिसाल बन सकता है।

Lokayan 2026 के तहत मजबूत हुई भारत-इटली मैत्री

'लोकायन 2026' अभियान के तहत यात्रा कर रहा यह पोत 12 सितंबर को इटली के लिवोर्नो से रवाना हुआ। इस प्रवास के दौरान पोत पर मौजूद कर्मियों ने कई तरह के Joint Training Exercises और Professional Interactions में हिस्सा लिया, जिनसे दोनों देशों के बीच समुद्री साझेदारी और मैत्रीपूर्ण रिश्तों को नई मजबूती मिली।

इटली नौसेना प्रमुख ने खुद किया पोत का दौरा

इस यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इटली की नौसेना के प्रमुख Admiral Giuseppe Berutti Bargotto खुद आईएनएस सुदर्शिनी पर पहुंचे और चालक दल व प्रशिक्षुओं से बातचीत की। उन्हें पोत की अब तक की यात्रा और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी गई। इसके अलावा पोत के कमांडिंग ऑफिसर ने इटली की Naval Academy के कमांडेंट रियर एडमिरल अल्बर्टो ताराबोट्टो से भी मुलाकात कर अनुभव साझा किए। लिवोर्नो के मेयर लुका साल्वेटी और उप-प्रिफेक्ट एडोआर्डो लोम्बार्डी के साथ भी अहम चर्चा हुई।

दोनों देशों के प्रशिक्षुओं ने किया एक-दूसरे के पोत का दौरा

इस दौरे का सबसे दिलचस्प पहलू रहा प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रम, जिसके तहत भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने इटली के पोत ITS Virginio Fasan और नौसेना अकादमी का दौरा किया। वहीं इटली की नौसेना के कर्मियों ने भी आईएनएस सुदर्शिनी पर पहुंचकर पोत को करीब से देखा। इस आपसी आदान-प्रदान से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच बेहतर समझ और सहयोग बढ़ाने में मदद मिली। पोत पर आयोजित एक भव्य Reception Ceremony में इटली की नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राजनयिक प्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हुए। आईएनएस सुदर्शिनी अब आगे की यात्रा पर बढ़ते हुए भारत के 'महासागर' विजन को आगे ले जा रहा है, जो सभी समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा और साझा विकास पर जोर देता है।