150 वार्ड, 15 कमरे और 150 टेबलें! जयपुर में इस तरह होगी वोटों की महागिनती, जानें पूरा गणित

Sep 13, 2026 - 22:51
Sep 13, 2026 - 23:00
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150 वार्ड, 15 कमरे और 150 टेबलें! जयपुर में इस तरह होगी वोटों की महागिनती, जानें पूरा गणित

अनन्य सोच । नगरीय निकाय चुनाव 2026 की वोटों की गिनती को लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है। नगर निगम जयपुर के साथ-साथ जिले की कुल 19 Urban Local Bodies में सोमवार को होने वाली Vote Counting के लिए हर एक टेबल और कमरे तक की योजना बना ली गई है। आखिर किस वार्ड की गिनती कहां होगी और कितनी टेबलें लगाई गई हैं, जानिए पूरी डिटेल।

150 वार्डों के लिए बनाए गए 15 अलग-अलग कमरे

नगर निगम जयपुर के सभी 150 वार्डों के वोटों की गिनती सीकर रोड स्थित श्री भवानी निकेतन College of Pharmacy में होगी। यहां EVM Storage और काउंटिंग के लिए कुल 15 कमरों में 150 टेबलें लगाई गई हैं। खास बात यह है कि हर वार्ड की गिनती उसके संबंधित विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से तय किए गए कमरे में ही होगी। विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, सांगानेर, बगरू, मालवीय नगर, सिविल लाइन्स, किशनपोल, आदर्श नगर, हवामहल और आमेर क्षेत्र के वार्डों के लिए अलग-अलग टेबलों की व्यवस्था पहले से तय कर दी गई है।

बाकी 18 निकायों के लिए भी बना खास प्लान

जिले की 2 नगर परिषदों और 16 नगर पालिकाओं के लिए भी अलग-अलग स्कूलों और सरकारी भवनों में कुल 18 मतगणना कक्षों में 120 टेबलों का इंतजाम किया गया है। शाहपुरा में सबसे ज्यादा 10 टेबल लगाई गई हैं, जबकि वाटिका और जमवारामगढ़ में 9-9 टेबलों पर गिनती होगी। वहीं फागी में सबसे कम सिर्फ 4 टेबलों पर वोटों की गिनती होगी, जिससे यहां का नतीजा बाकी जगहों की तुलना में जल्दी आने की उम्मीद है।

चौमूं से लेकर फुलेरा तक, हर कस्बे का अलग समीकरण

चौमूं और खेजरोली की गिनती राजकीय कन्या महाविद्यालय में होगी, जहां क्रमशः 9 और 5 टेबलें तय की गई हैं। बस्सी में College of Dairy and Food Technology में 7 टेबल, तो नरायना और जोबनेर में 5-5 टेबलों पर काउंटिंग होगी। किशनगढ़-रेनवाल में भी 5 टेबल तय हैं, जबकि बगरू में 7 और फुलेरा में 8 टेबलों पर वोटों की गिनती को अंतिम रूप दिया जाएगा।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने साफ निर्देश दिए हैं कि मतगणना से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को Security, Staff Deployment और EVM व लैपटॉप की सुरक्षित निगरानी को लेकर आपसी तालमेल बनाए रखने को कहा है। सबसे अहम बात यह है कि बिना Authorized Entry Pass के किसी भी व्यक्ति को मतगणना केंद्र में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी, चाहे वह कोई भी क्यों न हो।