वार्ड 62 में कल फिर होगी वोटिंग, 14 सितंबर को तय होगी जयपुर की सियासी तकदीर

Sep 12, 2026 - 22:33
Sep 12, 2026 - 23:20
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वार्ड 62 में कल फिर होगी वोटिंग, 14 सितंबर को तय होगी जयपुर की सियासी तकदीर

अनन्य सोच । नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर जयपुर में हलचल तेज है। एक ओर जहां वार्ड संख्या 62 के एक बूथ पर Fresh Poll यानी पुनर्मतदान की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर पूरे जिले की Vote Counting की तारीख भी तय हो गई है। इसी बीच राज्य स्तर पर निष्पक्ष चुनाव संचालन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने संतोष जताया है।

गड़बड़ी के चलते वार्ड 62 में कल दोबारा वोटिंग

शुक्रवार, 11 सितंबर को हुए मतदान के दौरान वार्ड 62 के भाग संख्या 23 स्थित बूथ पर एक बड़ी चूक सामने आई। जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची की Deletion List में शामिल करीब 110 मतदाताओं ने वोट डाल दिया, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध हो गई। मामला गंभीर मानते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने पुराने मतदान को रद्द कर दिया। जिला कलक्टर संदेश नायक के मुताबिक, अब रविवार 13 सितंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक टीलावाला, सांगानेर स्थित राजकीय स्कूल में दोबारा वोटिंग होगी। इस बार नए बैलेट पेपर इस्तेमाल होंगे और मतदाताओं की उंगली पर फिर से स्याही लगाई जाएगी, चाहे पहले वोट डाला हो या नहीं।

सोमवार को खुलेगा उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा

पुनर्मतदान के अगले ही दिन, यानी सोमवार 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से जयपुर जिले की Counting शुरू होगी। यह प्रक्रिया श्री भवानी निकेतन फार्मेसी कॉलेज परिसर में संपन्न होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने साफ किया है कि गणना वार्ड और राउंड के हिसाब से होगी, और हर थोड़ी देर में एक साथ 15 वार्डों के नतीजे सामने आएंगे। दिलचस्प बात यह है कि जिन वार्डों में बूथों की संख्या कम है, वहां का रिजल्ट पहले घोषित होगा। सुरक्षा को देखते हुए मतगणना केंद्र में सिर्फ अधिकृत पास धारकों को ही प्रवेश मिलेगा, काउंटिंग एजेंट भी इस नियम से अछूते नहीं होंगे।

रिकॉर्ड मतदान पर मुख्य सचिव ने दी बधाई

इससे पहले शनिवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह से मुलाकात कर प्रदेशभर में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुए निकाय चुनावों पर बधाई दी। उन्होंने इस बार दर्ज हुए अब तक के सबसे अधिक मतदान प्रतिशत पर खुशी जताते हुए आयोग की टीम के प्रयासों की सराहना की। अब सबकी निगाहें 14 सितंबर पर टिकी हैं, जब तय होगा कि जयपुर की सत्ता किसके हाथ जाएगी।