राजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर पद की जंग तेज, जयपुर में एक सीट पर उलझा कांग्रेस का गणित

एक सीट, चार दावेदार और कांग्रेस के भीतर खींचतान! जानिए जयपुर, जोधपुर और कोटा के महापौर चुनाव में किसका पलड़ा भारी और 25 सितंबर को क्या होगा फैसला।

Sep 19, 2026 - 23:11
Sep 19, 2026 - 23:14
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राजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर पद की जंग तेज, जयपुर में एक सीट पर उलझा कांग्रेस का गणित

अनन्य सोच । राजस्थान के तीन बड़े नगर निगमों जयपुर, जोधपुर और कोटा में महापौर चुनाव की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। लेकिन जयपुर में एक ही सीट के लिए कांग्रेस के तीन-तीन दावेदार सामने आने से सियासी हलकों में हलचल मच गई है।

जयपुर में चार उम्मीदवारों ने भरा नामांकन

शनिवार को नगर निगम जयपुर के महापौर पद के लिए Nomination Process के तहत कुल चार अभ्यर्थियों ने अपने पर्चे दाखिल किए। रिटर्निंग अधिकारी आशीष कुमार के मुताबिक, नामांकन भरने वालों में सुनील (भारतीय जनता पार्टी) के अलावा सुनीता, सुनीता गुप्ता मावर और दशरथ अटल शामिल हैं, जो तीनों Indian National Congress की तरफ से मैदान में उतरे हैं। हालांकि पार्टी के आधिकारिक Official Candidate के तौर पर सुनीता महावर का नाम पहले ही तय किया जा चुका था, ऐसे में एक ही सीट पर कांग्रेस के कई चेहरों का नामांकन भरना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

संवीक्षा और नाम वापसी की तारीख तय

रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि प्राप्त सभी नामांकन-पत्रों की Scrutiny 21 सितंबर को की जाएगी, जबकि उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 22 सितंबर 2026 रखी गई है। इस Withdrawal Process के पूरा होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि जयपुर के मैदान में आखिरकार कौन-कौन प्रत्याशी बचे रहते हैं और असली मुकाबला किसके-किसके बीच होगा।

जोधपुर और कोटा में भी तय हुए चेहरे

जयपुर के अलावा जोधपुर और कोटा में भी महापौर पद के लिए उम्मीदवारों के नाम सामने आ चुके हैं। जोधपुर में BJP ने संगठन से लंबे समय से जुड़े प्रशांत चंद मेहता को टिकट दिया है, जिनके मुकाबले Congress ने राजेंद्र सोलंकी को उतारा है। वहीं कोटा में BJP ने आखिरी समय तक सस्पेंस बनाए रखने के बाद अनुसुईया गोस्वामी के नाम का ऐलान किया, जिनका मुकाबला Congress प्रत्याशी सुनीता सुमन से होगा।

पार्षदों की संख्या तय करेगी जीत का गणित

जयपुर नगर निगम में कुल 150 पार्षद हैं, जिनमें से BJP के पास 78 और Congress के पास 57 पार्षदों का समर्थन बताया जा रहा है। वहीं जोधपुर के 100 सदस्यीय निगम में BJP और Congress के पास बराबर यानी 44-44 पार्षद हैं, जबकि बाकी 11 सीटें निर्दलीय व अन्य के खाते में हैं। इसी वजह से जोधपुर का मुकाबला निर्दलीय पार्षदों के समर्थन पर टिका माना जा रहा है, और BJP ने सात निर्दलीयों के समर्थन का दावा भी किया है।

अब सबकी निगाहें 25 सितंबर पर

तीनों शहरों में अब अगला बड़ा पड़ाव 25 सितंबर का मतदान है। जयपुर में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक Voting होगी, जिसके बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ पार्षदों का समर्थन और संगठनात्मक समीकरण इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाले हैं, और यही वजह है कि तीनों शहरों में सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है।