रिहायशी इलाके में घूमता दिखा बघेरा, वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर बचाई सबकी जान
कई दिनों से रिहायशी इलाके में मंडरा रहा खतरा आखिर पिंजरे में कैद! जानिए कैसे वन विभाग ने बचाई कॉलोनीवासियों की जान और बघेरे को दी सुरक्षित घर वापसी।
अनन्य सोच । जयपुर के जवाहर नगर इलाके में एक मादा बघेरे की मौजूदगी ने कई दिनों तक लोगों की नींद उड़ाए रखी। आखिरकार वन विभाग की सूझबूझ से यह रोमांचक Rescue Operation सफल रहा।
कॉलोनी में घूमते दिखा जंगली मेहमान
जयपुर के जवाहर नगर स्थित Forest Colony में शनिवार को वन विभाग की टीम को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी। यहां कई दिनों से एक चार से पांच साल की मादा Leopard की मूवमेंट देखी जा रही थी, जिसने कॉलोनी और आसपास के गार्डन एरिया में रहने वाले लोगों के बीच हलचल मचा दी थी। खास बात यह है कि इसी फॉरेस्ट कॉलोनी में Rajasthan के PCCF (HoFF) अरिजीत बनर्जी का बंगला भी स्थित है, जिससे यह घटना और भी चर्चा में आ गई।
गार्डन में बिछाया गया खास जाल
लेपर्ड की लगातार मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने इसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए गार्डन एरिया में एक Trap Cage लगाया। कुछ ही समय के इंतजार के बाद शनिवार को यह जंगली मेहमान आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। जैसे ही यह सूचना वन विभाग तक पहुंची, टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और पूरी सावधानी के साथ आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
डॉक्टरी जांच के बाद मिली जंगल में वापसी
लेपर्ड के पिंजरे में कैद होने के बाद सबसे पहले एक पशु चिकित्सक ने उसकी विस्तृत Medical Check-up की। जांच में उसकी सेहत पूरी तरह सामान्य पाई गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से आमागढ़ वन क्षेत्र में छोड़ दिया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान टीम ने लेपर्ड के साथ-साथ आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा का भी पूरा ख्याल रखा।
आबादी वाले इलाके में क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं
रिहायशी इलाके में वन्यजीव की मौजूदगी ने कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों में कौतूहल और हल्की दहशत का माहौल जरूर बना दिया, लेकिन वन विभाग की तत्परता से यह मामला बिना किसी नुकसान के सुलझ गया। इस Rescue Mission में ACF जितेंद्र सिंह शेखावत, वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर समेत वन विभाग का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। PCCF अरिजीत बनर्जी ने बताया कि कॉलोनी में लेपर्ड की मूवमेंट की जानकारी मिलते ही उन्होंने सुरक्षित Rescue के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह पूरा ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंचा।