दो लाख से ज्यादा अभ्यर्थी, 666 सेंटर्स और सख्त निगरानी, जानिए कैसी है परीक्षा की पूरी तैयारी
दो लाख से ज्यादा उम्मीदवार, 666 केंद्र और खुद मुख्य सचिव की निगरानी! जानिए 20 सितंबर की इस बड़ी भर्ती परीक्षा के लिए प्रशासन ने क्या-क्या इंतजाम किए हैं।
अनन्य सोच । 20 सितंबर को होने वाली उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा से पहले मुख्य सचिव ने खुद मोर्चा संभाला। नकल रोकने से लेकर बिजली-पानी तक, हर पहलू पर हुई गहन समीक्षा।
मुख्य सचिव ने ली अफसरों की क्लास
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 20 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली Sub Inspector और Platoon Commander की Re-Examination 2021 को लेकर शुक्रवार को शासन सचिवालय में एक बड़ी Review Meeting हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में परीक्षा की तैयारियों को लेकर हर छोटी-बड़ी बात पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए कि आयोग द्वारा तय सभी Guidelines का पूरी सख्ती से पालन किया जाए, खासकर Question Paper की सुरक्षा और समय पर वितरण को लेकर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
नकल रोकने के लिए बनेंगी खास टीमें
बैठक में सबसे ज्यादा जोर परीक्षा को Cheating-Free बनाने पर दिया गया। मुख्य सचिव ने अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए विशेष Vigilance Teams गठित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अभ्यर्थियों के आने-जाने को आसान बनाने के लिए अतिरिक्त Transport Arrangements और परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध Electricity Supply सुनिश्चित करने की भी हिदायत दी गई। पारदर्शिता, समयबद्धता और बेहतर समन्वय को इस पूरी प्रक्रिया की रीढ़ बताया गया।
दो लाख से ज्यादा उम्मीदवार देंगे परीक्षा
इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 2 लाख 18 हजार 131 Candidates ने रजिस्ट्रेशन कराया है। परीक्षा 20 सितंबर को दो पारियों में होगी, पहली पारी सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य हिंदी विषय की और दूसरी पारी दोपहर 3 से 5 बजे तक सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान विषय की होगी।
11 जिलों में सजेंगे 666 परीक्षा केंद्र
इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को समायोजित करने के लिए अजमेर, अलवर, भरतपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जयपुर, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर सहित कुल 11 जिलों में 666 Examination Centres बनाए गए हैं। इतने बड़े पैमाने पर परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है।
हर जिले से जुड़े रहे बड़े अधिकारी
इस अहम बैठक में पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, जयपुर और जोधपुर पुलिस आयुक्त, सभी संबंधित जिलों के कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक और राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव ने Video Conferencing के जरिए हिस्सा लिया, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासन इस परीक्षा को लेकर किसी तरह की कोई चूक नहीं होने देना चाहता।