गेट खुला और मौत का पंजा आ गया सामने, नाहरगढ़ में घास काटती महिला को टाइगर ने बनाया निवाला
अनन्य सोच। राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ Biological Park से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां tiger enclosure के अंदर घास काटने गई महिला मजदूरों के समूह पर टाइगर ने अचानक हमला बोल दिया, जिसमें एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
कैसे हुआ पूरा हादसा
घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे की है, जब सुगना देवी नाम की महिला अपनी छह अन्य साथियों के साथ टाइगर शिवाजी के enclosure में घास काटने के लिए दाखिल हुई थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान forest guard ने पिंजरे का गेट खोल दिया, जिसके चलते टाइगर सीधे बाहर निकल आया और महिलाओं पर टूट पड़ा।
अचानक हुए इस हमले से वहां चीख-पुकार मच गई। छह महिलाएं किसी तरह जान बचाकर एनक्लोजर से बाहर भागने में सफल रहीं, जबकि एक महिला पेड़ पर चढ़कर खुद को बचाने में कामयाब हुई। लेकिन सुगना देवी की किस्मत ने साथ नहीं दिया — वे एनक्लोजर के जाल पर चढ़ने की कोशिश कर ही रही थीं कि टाइगर ने उन्हें नीचे खींच लिया और गले पर हमला कर दिया। हमले के बाद टाइगर उन्हें करीब 10 फीट तक घसीटता हुआ ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतका की बड़ी बहन कमला देवी ने बताया कि जिस वक्त वे लोग अंदर घुसीं, टाइगर उस वक्त पिंजरे में ही मौजूद था, लेकिन कुछ ही सेकंड में वह बाहर आकर हमलावर हो गया।
गुस्साए ग्रामीणों ने किया हंगामा, मुआवजे की मांग
हादसे की खबर फैलते ही जमवारामगढ़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीण Nahargarh Biological Park पहुंच गए। साईंवाड़ के पूर्व सरपंच राजेंद्र बुनकर के नेतृत्व में लोगों ने जमकर protest किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ मृतका के परिजनों को एक करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग रखी।
ग्रामीणों ने बताया कि सुगना देवी का पति दिव्यांग है और परिवार में दो छोटे बच्चे हैं। वे ही परिवार की इकलौती कमाने वाली सदस्य थीं, ऐसे में उनकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को आर्थिक संकट में डाल दिया है। गुस्साए लोग दोपहर तक धरने पर बैठे रहे। आखिरकार दोपहर 3 बजे प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ।
प्रशासन का एक्शन, जांच कमेटी गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए District Forest Officer आशीष व्यास ने तुरंत असिस्टेंट फॉरेस्ट ऑफिसर की अगुवाई में एक जांच कमेटी गठित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज खंगाली जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि आखिर लापरवाही किस स्तर पर हुई। फिलहाल प्रारंभिक जांच में गेट खोलने वाली गार्ड हंसा चौधरी को हिरासत में लिया गया है, और वन विभाग ने उन्हें प्रथम दृष्टया लापरवाही के आधार पर तत्काल suspend भी कर दिया है।
इस बीच आमेर विधायक प्रशांत शर्मा भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि मृतका पिछले आठ साल से यहां काम कर रही थीं, ऐसे में उनके परिवार को हर संभव मदद दिलाई जाएगी। परिजनों ने सरकारी नौकरी की मांग भी रखी है।
आखिरकार वन विभाग ने मृतका के परिजनों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, एक डेयरी बूथ, दो सदस्यों को संविदा पर नौकरी देने और सरकारी नौकरी के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने पर सहमति जताई, जिसके बाद परिवार का प्रदर्शन खत्म हुआ।
अब भी अनसुलझे हैं कई सवाल
इस पूरे हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं — आखिर सफाईकर्मी टाइगर के एनक्लोजर के अंदर कैसे पहुंची? एनक्लोजर की चाबी किसने दी और गेट किसने खोला? डीसीएफ आशीष व्यास की अगुवाई में इन्हीं सवालों की जांच की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही FIR दर्ज की जाएगी। लेकिन असली सवाल यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद आला अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज कब गिरेगी।