15 सितंबर को शाम 4 बजे रवाना होगी गणेशजी की शोभायात्रा: जिला कलक्टर ने संयुक्त नियंत्रण कक्ष सहित सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश
जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में गणेश चतुर्थी शोभायात्रा को लेकर बैठक, 15 सितंबर को मोती डूंगरी से शाम 4 बजे रवाना होगी यात्रा, नियंत्रण कक्ष स्थापित।
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गणेश चतुर्थी 2026 की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में मोती डूंगरी मंदिर परिसर में बैठक आयोजित हुई।
15 सितंबर को शाम 4 बजे मोती डूंगरी गणेश मंदिर से शोभायात्रा रवाना होकर जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचकर विसर्जित होगी।
पुलिस, नगर निगम, जेडीए, पीडब्ल्यूडी, चिकित्सा विभाग व जेवीवीएनएल सहित सभी विभागों को साफ-सफाई, यातायात, बिजली-पानी व चिकित्सा व्यवस्था के निर्देश।
सभी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
महंत कैलाश शर्मा के अनुसार 7 से 14 सितंबर तक मोती डूंगरी में कलश यात्रा, झांकी व विशेष पूजा जैसे कई धार्मिक आयोजन होंगे।
गणेश चतुर्थी तैयारियों पर हुई अहम बैठक
अनन्य सोच। गणेश चतुर्थी पर्व 14 व 15 सितंबर 2026 को प्रस्तावित श्री गणेशजी की शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को मोती डूंगरी स्थित श्री गणेशजी मंदिर परिसर में जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई, जिसमें व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई।
कहां-कहां होंगे मुख्य आयोजन
जिला कलक्टर ने बताया कि 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर्व मोतीडूंगरी गणेश मंदिर, ब्रह्मपुरी स्थित गढ़गणेश मंदिर तथा नहर के गणेश मंदिर सहित शहर के अन्य गणेश मंदिरों में भव्यता से मनाया जाएगा। इसके अगले दिन 15 सितंबर को शाम 4 बजे मोती डूंगरी गणेश मंदिर से शोभायात्रा रवाना होगी, जो मोती डूंगरी रोड, सांगानेरी गेट, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़, गणगौरी बाजार, चौगान चौराहा एवं ब्रह्मपुरी होते हुए गढ़ गणेशजी मंदिर पहुंचकर विसर्जित होगी।
भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर जोर
शोभायात्रा मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को देखते हुए जिला कलक्टर ने पुलिस एवं यातायात पुलिस को भीड़ प्रबंधन, पुलिस तैनाती, यातायात डायवर्जन तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर निगम को साफ-सफाई, रंगोली, कचरा प्रबंधन, सीवरेज, प्रकाश-सजावट, पेयजल, अग्निशमन व चल-शौचालयों की व्यवस्था के साथ-साथ बारिश की स्थिति में एमडी रोड पर जलभराव होने पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
हर विभाग को सौंपी गई जिम्मेदारी
जेडीए को फव्वारों, डिवाइडर और सड़कों की मरम्मत, पीडब्ल्यूडी को बैरिकेडिंग व सड़क निर्माण-दुरुस्तीकरण, चिकित्सा विभाग को एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और अस्पतालों में बेड आरक्षित रखने तथा जेवीवीएनएल को निर्बाध विद्युत आपूर्ति व ढीले तारों की मरम्मत के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पीएचईडी को पेयजल टैंकर व्यवस्था, आरटीओ को वाहनों के समयपूर्व अधिग्रहण तथा दूरसंचार विभाग को नेटवर्क जाम की समस्या के निवारण के निर्देश दिए गए। नागरिक सुरक्षा विभाग को स्वयंसेवकों की तैनाती व मंदिरों के फायर ऑडिट, देवस्थान विभाग को सजावट-रोशनी तथा विद्युत निरीक्षक को केबलिंग जांच कर प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
संयुक्त नियंत्रण कक्ष होगा स्थापित
जिला कलक्टर ने सभी विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त कर एक संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए। मंदिर प्रबंधन को श्रद्धालुओं के प्रवेश-निकासी, पेयजल, सुलभ सुविधाओं, नियंत्रण कक्ष, माइक सेट व सीसीटीवी सहित सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में सभी विभागों को निर्धारित समय पर तैयारियों की रिपोर्ट सहित उपस्थित रहने और आपसी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
7 सितंबर से शुरू होंगे धार्मिक आयोजन
मोती डूंगरी गणेश मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि 7 सितंबर से 15 सितंबर तक मंदिर में विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। इसकी शुरुआत 7 सितंबर को कलश यात्रा व जलाभिषेक से होगी, इसके बाद पुष्प नक्षत्र पंचामृत अभिषेक, केले की झांकी, मोदक की झांकी, फलों व सब्जियों की झांकी, फूलों की झांकी तथा मेहंदी पूजन जैसे आयोजन क्रमवार होंगे। 14 सितंबर को मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक विशेष पूजा होगी, जबकि 15 सितंबर को शाम 4 बजे शोभायात्रा निकलेगी।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रदीप मोहन, डीसीपी यातायात योगेश बंसल, अतिरिक्त जिला कलक्टर (दक्षिण) युगांतर शर्मा सहित संबंधित विभागों व मंदिर प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।