सांस्कृतिक संस्थाओं की बेहतरी के लिए कलाकारों की अपील, 26 अगस्त से रवीन्द्र मंच पर होगा शांतिपूर्ण अनशन
राजस्थान की सांस्कृतिक संस्थाओं को लेकर कलाकार समुदाय ने अपनी चिंताएं सरकार के सामने रखी हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को भेजे गए एक पत्र में कलाकारों ने कुछ अहम मांगें उठाते हुए आंदोलन की रूपरेखा साझा की है।
अनन्य सोच। राजस्थान की सांस्कृतिक संस्थाओं की बेहतरी और कलाकारों के हितों को लेकर संयुक्त कलाकार अभियान (Sanyukt Kalakar Abhiyan) की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को एक खुला पत्र भेजा गया है। पत्र में कलाकारों ने अपनी कुछ अहम मांगें रखते हुए बताया है कि अगर समय रहते इन पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो 26 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे से रवीन्द्र मंच परिसर में शांतिपूर्ण क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।
अभियान की प्रमुख मांगों में रवीन्द्र मंच का विशेषज्ञों की देखरेख में जीर्णोद्धार, वहां जरूरी स्टाफ की नियुक्ति और कॉफी हाउस, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है। साथ ही जवाहर कला केंद्र (Jawahar Kala Kendra) के लिए पर्याप्त बजट और स्टाफ की व्यवस्था, कलाकारों को ऑडिटोरियम बुकिंग में रियायत तथा एक गवर्निंग काउंसिल के गठन का सुझाव भी दिया गया है।
पत्र में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती और राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है। इसके अलावा कला एवं संस्कृति विभाग में अनुभवी विशेषज्ञों को सलाहकार नियुक्त करने और विभाग का बजट बढ़ाने का सुझाव भी अभियान ने दिया है।
संयुक्त कलाकार अभियान ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी पहल पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। अभियान को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक और स्पष्ट रुख अपनाएगी, जिससे राज्य की सांस्कृतिक विरासत और कलाकारों दोनों को फायदा मिल सके।