स्कूलों में लापरवाही अब नहीं चलेगी! जूनियर इंजीनियर सस्पेंड, ACS ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर शिक्षा विभाग सख्त मूड में आ गया है। नागौर के एक स्कूल में लापरवाही सामने आते ही जूनियर इंजीनियर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। जानिए पूरे प्रदेश में कितने स्कूल भवनों का काम चल रहा है और अफसरों को क्या नई हिदायतें मिली हैं।
अनन्य सोच । प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बन रहे नए भवनों और मरम्मत कार्यों की quality को लेकर अब कोई समझौता नहीं होगा। स्कूली शिक्षा विभाग के Additional Chief Secretary राजेश यादव ने सोमवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अफसर के खिलाफ सीधी कार्रवाई होगी।
बैठक के दौरान नागौर जिले के एक सरकारी स्कूल में चल रहे निर्माण कार्य की technical supervision में गंभीर खामी सामने आई, जिसके बाद वहां तैनात जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से suspend कर दिया गया। इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल गया है कि विभाग अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सख्त action के मूड में है।
आंकड़ों की बात करें तो चालू वित्तीय वर्ष में शिक्षा विभाग ने लगभग तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के कार्य स्वीकृत किए हैं, जिनमें करीब 1,293 नए स्कूल भवन, साढ़े पांच हजार से ज्यादा बड़ी मरम्मत और नौ हजार से अधिक नए कक्षा-कक्ष शामिल हैं। इनमें से सैकड़ों कार्य अभी भी प्रगति पर हैं।
ACS यादव ने जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सिर्फ पत्राचार तक सीमित न रहें, बल्कि खुद मौके पर जाकर physical verification करें। उन्होंने स्कूलों में पर्याप्त शौचालयों का निर्माण भी जल्द पूरा करने को कहा। साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत दी गई।
बैठक में PM Shri, समग्र शिक्षा अभियान, स्टार्स प्रोजेक्ट जैसी कई योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई और टेंडर व भुगतान में देरी जैसी समस्याओं को जल्द सुलझाने पर सहमति बनी।