जयपुर के RIC में गूंजे ठहाके: कवियों ने रिश्तों और तकनीक पर कसा तंज, वीर रस से भरा जोश
अनन्य सोच । जयपुर के Rajasthan International Centre में आयोजित 'हास्य हंगामा' (Hasya Hungama) में हास्य, तीखे व्यंग्य और देशभक्ति के अनूठे संगम ने शहरवासियों को देर रात तक बांधे रखा।
ठहाकों और व्यंग्य से महकी शाम
Rajasthan International Centre (RIC) और इवेंट इंडिया के साझा मंच पर सजी महफिल में कवियों ने रोजमर्रा की जिंदगी, राजनीति और सामाजिक विसंगतियों पर जमकर चुटकियां लीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि Rajasthan High Court के जस्टिस भुवन गोयल रहे, जबकि अध्यक्षता राहुल प्रकाश ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्याम अग्रवाल, देवीशंकर और डॉ. अरुण सिंह उपस्थित रहे।
प्रताप फौजदार के लतीफे और अलबेला का 'मोबाइल वार'
मंच संभालते ही जाने-माने हास्य कवि Pratap Faujdar ने आधुनिक दौर के प्रेम संबंधों और दांपत्य जीवन की खट्टी-मीठी नोक-झोंक पर ऐसे पंच मारे कि पूरा ऑडिटोरियम हंसी से लोटपोट हो गया। वहीं सुरेश अलबेला (Suresh Albela) ने स्मार्टफोन की लत पर चोट करते हुए बताया कि कैसे एक छोटे से मोबाइल ने घड़ी, रेडियो, टीवी और टॉर्च जैसी जरूरी चीजों की छुट्टी कर दी। उनके इस कटाक्ष पर दर्शकों ने खड़े होकर दाद दी।
पैरोडी से सिस्टम पर वार, पूनम के गीतों में घुला प्यार
कवि एकेश पार्थ ने बॉलीवुड गानों की पैरोडी बनाकर बेरोजगारी, शिक्षा और लचर प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल दागे। दूसरी ओर, मथुरा से आईं पूनम वर्मा ने प्रेम, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं से सजी मखमली रचनाएं पढ़कर माहौल को सुकून और रोमांस से भर दिया।
विनीत चौहान के ओज से गूंजा मेवाड़ का शौर्य
हास्य के माहौल के बीच कवि Vineet Chauhan ने जैसे ही रानी पद्मिनी और मेवाड़ के बलिदान का जिक्र किया, पूरा हॉल 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। उनकी ओजस्वी वीर रस की पंक्तियों ने श्रोताओं के रोंगटे खड़े कर दिए। इसके साथ ही संजय झाला के सामयिक व्यंग्य ने लोगों को हंसते-हंसते समाज की सच्चाइयों पर सोचने के लिए विवश कर दिया।