सिर्फ परंपरा नहीं, पूरा विज्ञान है आयुर्वेद! स्कूलों में सूर्य नमस्कार शामिल करने की उठी मांग, जानें क्या बोले अफसर

डायबिटीज और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी आयुर्वेद में छिपा है? जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस समारोह में विशेषज्ञों ने इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति को लेकर कई चौंकाने वाले और दिलचस्प तथ्य साझा किए, जो जानना हर किसी के लिए जरूरी है।

Sep 23, 2026 - 19:21
Sep 23, 2026 - 19:29
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सिर्फ परंपरा नहीं, पूरा विज्ञान है आयुर्वेद! स्कूलों में सूर्य नमस्कार शामिल करने की उठी मांग, जानें क्या बोले अफसर

अनन्य सोच ।  11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस (National Ayurveda Day) के मौके पर बुधवार को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में एक भव्य राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। इस साल इस दिवस की थीम "स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद" रखी गई, जिसके तहत कई विशेषज्ञों और वक्ताओं ने आयुर्वेद की उपयोगिता और आधुनिक जीवनशैली में इसकी भूमिका पर गहन चर्चा की।

कार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार ने एक अहम बात कहते हुए स्पष्ट किया कि आयुर्वेद को सिर्फ एक परंपरा मानना गलत है, यह वास्तव में एक सम्पूर्ण विज्ञान (Complete Science) है जो शरीर के साथ-साथ मन की शुद्धि में भी सहायक है। उन्होंने बताया कि सांसों पर नियंत्रण के जरिए इंसान अपनी चेतना को जागृत कर सकता है, और आयुर्वेद में सिर्फ दवाइयां ही नहीं बल्कि योग व व्यायाम का भी बराबर महत्व है। एक दिलचस्प सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सकता है, ताकि बच्चे बचपन से ही योग और प्राणायाम सीख सकें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों (Ayush Hospitals) को आधुनिक बनाने के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट मौजूद है।

समारोह में पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रो. डॉ. दीप नारायण पाण्डेय ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि आयुर्वेद मधुमेह और हृदयाघात जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने महर्षि चरक के योगदान को याद करते हुए इन प्राचीन सूत्रों पर और अधिक शोध किए जाने की जरूरत बताई। वहीं राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के पूर्व प्रोफेसर कृष्ण खांडल ने शरीर, इंद्रियां, मन और आत्मा को मानव जीवन के चार मुख्य आधार बताते हुए कहा कि सही खान-पान भी आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में आयुर्वेद क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में आयुष चिकित्सक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।