जयपुर में सड़क पर उतरे वकील! सेशन कोर्ट के बाहर घंटों जाम, SHO के सस्पेंशन की मांग पर अड़े सैकड़ों Advocates
जयपुर में मंगलवार को सेशन कोर्ट परिसर के बाहर वकीलों का गुस्सा सड़क तक फूट पड़ा। 15 अगस्त को टीन शेड्स लगाने के दौरान हुए Police Dispute के विरोध में सैकड़ों वकील सड़क पर धरने पर बैठ गए, जिससे शहर का ट्रैफिक घंटों जाम रहा। आखिर वकील किस पुलिस अधिकारी के सस्पेंशन की मांग कर रहे हैं और पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ, जानिए पूरी खबर में।
अनन्य सोच। राजधानी जयपुर में मंगलवार को Session Court परिसर के बाहर वकीलों के प्रदर्शन ने पूरे शहर का ट्रैफिक थाम दिया। जयपुर महानगर द्वितीय के कोर्ट परिसर के बाहर 15 अगस्त को वकीलों की सीटों पर टीन शेड्स लगाने के दौरान पुलिस के साथ हुआ विवाद मंगलवार को सड़क पर आ गया। वकीलों के रास्ता रोकने से न सिर्फ शहर का Traffic घंटों जाम रहा, बल्कि आमजन को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
सुबह 11:30 बजे शुरू हुई नारेबाजी, फिर सड़क पर धरना
The Bar Association Jaipur के संयुक्त सचिव मनीष शर्मा के नेतृत्व में वकीलों ने पुलिस के कथित दखल के विरोध में मंगलवार सुबह 11:30 बजे से कोर्ट परिसर में जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब एक घंटे बाद यह प्रदर्शन उग्र हो गया, जब सैकड़ों वकील कोर्ट परिसर के गेट नंबर एक के बाहर सड़क पर आकर धरने पर बैठ गए।
खासा कोठी से बनीपार्क तक थमा ट्रैफिक
इस दौरान वकीलों ने खासा कोठी, बनीपार्क, चिंकारा कैंटीन सहित अन्य मार्गों से आने वाले पूरे Traffic को रोककर जमकर नारेबाजी की। घंटों तक सड़क जाम रहने से इन इलाकों से गुजरने वाले आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वकीलों की मुख्य मांग है कि SHO Sadar को तत्काल सस्पेंड किया जाए।
आखिर क्यों भड़के वकील? जानिए पूरा विवाद
अधिवक्ता अनिल चतुर्वेदी और पंकज पचलांगिया ने बताया कि 15 अगस्त को वकील कोर्ट बिल्डिंग के सामने अपनी सीटों पर टीन शेड्स लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक SHO सदर वहां पहुंचे और दी बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव मनीष शर्मा सहित अन्य वकीलों से Misbehaviour की। इसी बदसलूकी को लेकर वकीलों और पुलिस के बीच तीखी कहासुनी हो गई थी, जिसका गुस्सा अब मंगलवार को सड़क पर प्रदर्शन के रूप में फूट पड़ा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन वकीलों की SHO सस्पेंशन की मांग मानेगा, या यह टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ेगा? फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।