नागपुर में होगा बड़ा आयोजन! 23 सितंबर को मनेगा आयुर्वेद दिवस, केंद्रीय मंत्री ने बताया पूरा प्लान
देश में आयुर्वेद को लेकर एक बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी पूरी रूपरेखा सामने रखी। जानिए इस बार नागपुर में क्या खास होने वाला है और आयुर्वेद को लेकर सरकार का अगला बड़ा कदम क्या है।
अनन्य सोच। देश में Ayurveda को नई पहचान देने के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय अभियान शुरू हो चुका है। केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में 11th Ayurveda Day 2026 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने साफ किया कि इस साल का मुख्य आयोजन 23 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर में होगा, जिसकी थीम "स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद" रखी गई है।
मंत्री जाधव ने कहा कि दुनिया अब तेजी से preventive healthcare और holistic wellness की तरफ बढ़ रही है, और यही वह क्षेत्र है जहां भारत की आयुर्वेदिक परंपरा सबसे ज्यादा कारगर साबित हो सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Viksit Bharat विजन का हवाला देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा को सिर्फ बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसमें सही जीवनशैली, मानसिक संतुलन और प्रकृति के साथ तालमेल भी जरूरी है।
इस बार के अभियान के लिए तीन बड़े focus areas तय किए गए हैं — पहला, बेहतर इलाज के लिए integrated healthcare; दूसरा, आयुर्वेद में research and innovation को बढ़ावा देना; और तीसरा, समुदाय के कल्याण के लिए sustainable lifestyle को अपनाना। मंत्री ने मीडिया से भी अपील की कि वे आयुर्वेद से जुड़ी सही जानकारी लोगों, खासकर Gen Z और युवाओं तक पहुंचाएं, ताकि गलतफहमियां दूर हो सकें।
जयपुर स्थित National Institute of Ayurveda (NIA) के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने बताया कि इस बार आयोजन में National Dhanwantari Ayurveda Award 2026 भी दिया जाएगा। इसके अलावा त्वचा रोगों के लिए नई इलाज गाइडलाइन, आयुष सेक्टर रिपोर्ट और Ayush Vision 2030 जैसी कई अहम पहलों पर भी काम होगा।
पत्रकार वार्ता में आयुष मंत्रालय, PIB और कई अन्य संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्रालय ने आम नागरिकों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की है ताकि आयुर्वेद दिवस सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक सच्चा जन-आंदोलन बन सके।