निकाय चुनाव से पहले बड़ा अपडेट: कलेक्ट्रेट में हुआ EVM का 'भाग्य परीक्षण', जानें किस वार्ड को मिली कौनसी मशीन!
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई पारदर्शी प्रक्रिया, 2,821 मतदान केंद्रों के लिए तय हुईं हजारों मशीनें — जानें पूरी डिटेल
अनन्य सोच। जयपुर में नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक बेहद अहम प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसके तहत चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम मशीनों का पहला और दूसरा रेंडमाइजेशन किया गया। यह पूरी प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी (म्यूनिसिपल) संदेश नायक के निर्देशन में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की गई।
रेंडमाइजेशन के जरिए तय किया गया कि कौनसी ईवीएम मशीन किस नगरीय निकाय और किस मतदान केंद्र पर इस्तेमाल होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक जयपुर जिले के कुल 690 वार्डों में फैले मतदान केंद्रों के लिए यह प्रक्रिया पूरी की गई। इसमें नगर निगम जयपुर के 150 वार्डों के 2,256 मतदान केंद्र, नगर परिषदों के 100 वार्डों के 124 मतदान केंद्र और नगरपालिकाओं के 440 वार्डों के 441 मतदान केंद्र शामिल हैं। यानी कुल मिलाकर जिले के 2,821 मतदान केंद्रों की ईवीएम मशीनों का आवंटन इसी प्रक्रिया के जरिए तय हुआ।
खास बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की पैनी नजर रही। इस मौके पर कांग्रेस से गणेश सैनी, आरएलपी से भगवान सिंह, भाजपा से नयनमाधानी अग्रवाल, बसपा से एडवोकेट सुशील कुमार सरसरिया और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से मनीष श्योराण मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
आंकड़ों की बात करें तो मतदान केंद्रों के लिए रिजर्व मशीनों सहित कुल 3,392 बैलेट यूनिट (BU) और 3,392 कंट्रोल यूनिट (CU) का प्रावधान किया गया है, ताकि मतदान के दिन किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत विकल्प उपलब्ध रहे। रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ईवीएम मशीनों की पूरी सूची संबंधित राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी सौंप दी गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर किसी तरह का सवाल न उठे।