सिर्फ 25 दिन का मंत्री पद! वाल्मीकि घोटाले में फिर फंसे नागेंद्र, इस बार भी छोड़नी पड़ी कुर्सी

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है, जब मंत्री पद संभालने के महज कुछ हफ्तों के भीतर ही एक मंत्री को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।

Aug 29, 2026 - 08:25
Aug 29, 2026 - 22:25
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सिर्फ 25 दिन का मंत्री पद! वाल्मीकि घोटाले में फिर फंसे नागेंद्र, इस बार भी छोड़नी पड़ी कुर्सी

अनन्य सोच। कर्नाटक सरकार में योजना एवं सांख्यिकी मंत्री रहे बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे का ऐलान करते वक्त वे भावुक नजर आए और रुंधे गले से बोले कि वे स्वेच्छा से मंत्री पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सौंप दिया। गौर करने वाली बात यह है कि नागेंद्र को महज 25 दिन पहले, यानी 3 अगस्त को ही दोबारा कैबिनेट में शामिल किया गया था।

नागेंद्र का यह इस्तीफा कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े 89 करोड़ रुपए के बहुचर्चित घोटाले के आरोपों के बीच आया है। भाजपा और जेडीएस लगातार उनकी दोबारा नियुक्ति का विरोध कर रहे थे और दोनों दलों ने इस घोटाले में उनकी सीधी संलिप्तता का आरोप लगाया था। दिलचस्प बात यह है कि करीब दो साल पहले भी इसी विवाद के चलते नागेंद्र को मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था, यानी यह दूसरा मौका है जब वे इसी मामले में इस्तीफा देने को मजबूर हुए हैं।

इस्तीफा देते समय नागेंद्र ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने रामायण में भगवान राम द्वारा शंबूक वध की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मनुवादी सोच वाले लोग कभी नहीं चाहते कि कोई आदिवासी समाज में आगे बढ़े। उन्होंने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे न तो अपनी पार्टी को शर्मिंदा करना चाहते हैं और न ही सांप्रदायिक ताकतों को राज्य की राजनीति पर हावी होने देंगे।

वहीं भाजपा ने इस इस्तीफे को अपनी बड़ी जीत बताया है। नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने इसे डीके शिवकुमार सरकार को लगा पहला बड़ा झटका करार दिया, जबकि प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने घोटाले में शामिल अन्य 'बड़े लोगों' की भी जांच की मांग उठा दी है। गौरतलब है कि नागेंद्र की वापसी के विरोध में भाजपा के हंगामे के चलते विधानसभा का मानसून सत्र भी तीन दिन पहले ही स्थगित करना पड़ा था। अब सवाल यह है कि क्या यह मामला यहीं थमेगा या आगे और बड़े खुलासे होंगे।