डेंगू-स्वाइन फ्लू से निपटने की तैयारी तेज, स्वास्थ्य सचिव गायत्री राठौड़ ने दिए सख्त निर्देश
प्रदेश में बढ़ते मौसमी बीमारियों के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू प्रभावित इलाकों में सख्त निगरानी के आदेश देते हुए लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Dengue-Swine Flu प्रभावित इलाकों में होगा Special Survey
अनन्य सोच। जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में शनिवार को आयोजित एक अहम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने प्रदेशभर में फैल रहीं मौसमी बीमारियों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और स्वाइन फ्लू से प्रभावित क्षेत्रों में सघन सर्वे और विशेष मॉनिटरिंग तुरंत शुरू की जाए। इसके साथ ही रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय करते हुए एंटीलार्वा गतिविधियों और सोर्स रिडक्शन के काम में तेजी लाने को कहा गया। सर्वे कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों की मदद लेने के भी निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर कच्ची बस्तियों और कोचिंग हब वाले जिलों के हॉस्टलों पर विशेष नजर रखने की बात कही गई, ताकि संक्रमण को समय रहते फैलने से रोका जा सके।
पॉजिटिव मरीजों की 14 दिन तक निगरानी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
गायत्री राठौड़ ने साफ शब्दों में कहा कि पॉजिटिव पाए गए मरीजों की लगातार 14 दिनों तक निगरानी की जाए, ताकि उनका पूरा उपचार सुनिश्चित हो सके। साथ ही अस्पतालों में दवाओं, जांच किट और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता को लेकर नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए। बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन और मातृ मृत्यु के मामलों की भी समीक्षा की गई, जिसमें चूरू जिले में हुई एक मातृ मृत्यु के मामले में संबंधित GNM के खिलाफ सख्त जांच के आदेश दिए गए। इसके अलावा भरतपुर और बीकानेर जोन में एनीमिया प्रबंधन की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताते हुए तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए। मिशन निदेशक एनएचएम जोगाराम ने बच्चों में मीजल्स-रूबेला और एचपीवी वैक्सीनेशन कवरेज बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में डॉ. टी. शुभमंगला, डॉ. रवि प्रकाश शर्मा और डॉ. मधु रतेश्वर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।