बिना मालू जी के पहला आयोजन: 37वां राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन जयपुर में, राजा हसन जैसी हस्तियां करेंगी निर्णायकी

सुर संगम संस्थान का 37वां राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन जयपुर के बीलवा पैलेस में 1-2 अक्टूबर को होगा, स्व. के.सी. मालू को समर्पित। पंजीकरण 5 सितंबर तक।

Aug 23, 2026 - 22:17
Aug 23, 2026 - 22:20
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बिना मालू जी के पहला आयोजन: 37वां राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन जयपुर में, राजा हसन जैसी हस्तियां करेंगी निर्णायकी

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सुर संगम संस्थान का 37वां राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन 1-2 अक्टूबर 2026 को जयपुर के बीलवा पैलेस में होगा।

यह आयोजन संस्था के संस्थापक स्वर्गीय के.सी. मालू की स्मृति को समर्पित, 37 साल में पहली बार उनकी अनुपस्थिति में हो रहा आयोजन।

सुगम और शास्त्रीय संगीत में जूनियर-सीनियर वर्ग की प्रतियोगिताएं, ऑनलाइन पंजीकरण 5 सितंबर तक sursangamsansthan.com पर।

चयनित प्रतिभागियों को फाइव स्टार ठहरने-खाने की सुविधा मुफ्त, निर्णायक मंडल में सोहेल सेन, दीपक पंडित, प्रतिभा बघेल, राजा हसन शामिल।

गायिका पीनाज मसानी ने कहा—प्रतिभाओं की कमी नहीं, सही मंच और मार्गदर्शन की जरूरत है।

बिना मालू जी के पहला राष्ट्रीय आयोजन, फिर भी विरासत जीवंत

अनन्य सोच। संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बना चुका सुर संगम संस्थान इस साल एक भावनात्मक मोड़ पर खड़ा है। संस्था का 37वां राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन इस बार बिना अपने संस्थापक स्वर्गीय के.सी. मालू के आयोजित होने जा रहा है—पिछले 37 वर्षों में यह पहला मौका है जब मालू जी खुद इस मंच का हिस्सा नहीं होंगे, जिसे उन्होंने अपने हाथों से खड़ा किया। संस्था के राष्ट्रीय सचिव मुकेश अग्रवाल के शब्दों में, मालू जी सिर्फ इस आयोजन का चेहरा नहीं बल्कि इसकी आत्मा थे। इसी भावना के साथ इस वर्ष का सम्मेलन उनकी स्मृति को समर्पित रहेगा।

ऑटो-ट्यून के दौर में असली सुर की तलाश

कार्यक्रम की जानकारी देने जयपुर पहुंचीं प्रसिद्ध गायिका पीनाज मसानी ने एक अहम मुद्दा उठाया—डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑटो-ट्यून के इस दौर में असली प्रतिभा को पहचानना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली आवाज़ें अक्सर तकनीकी सुधार का नतीजा होती हैं, जबकि मंच पर लाइव गाने की कसौटी अलग होती है। यही वजह है कि सुर संगम जैसे संस्थान अहम हो जाते हैं, जो कच्ची प्रतिभा को बिना किसी डिजिटल फिल्टर के परखते हैं और उसे तराशने का मौका देते हैं। मसानी के अनुसार देश में टैलेंट की कमी कभी नहीं रही, कमी रही है तो सही मंच, सही मार्गदर्शन और राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले प्लेटफॉर्म की।

कहां और कब होगा आयोजन

37वां राष्ट्रीय युवा संगीत सम्मेलन 1 और 2 अक्टूबर 2026 को जयपुर के बीलवा पैलेस, टोंक रोड में आयोजित होगा। आयोजक प्रसनजीत मालू ने बताया कि देशभर से चुने गए प्रतिभागियों के ठहरने और भोजन की फाइव स्टार व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क रहेगी—यह पहलू खासतौर पर छोटे शहरों और सीमित संसाधनों वाले युवा कलाकारों के लिए राहत भरा है, जिनके लिए राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना अक्सर खर्चीला साबित होता है।

सुगम और शास्त्रीय, दोनों विधाओं को जगह

प्रतियोगिता को सुगम संगीत और शास्त्रीय संगीत, दो प्रमुख विधाओं में बांटा गया है, और हर विधा में जूनियर व सीनियर वर्ग अलग-अलग रखे गए हैं। यह ढांचा यह सुनिश्चित करता है कि पारंपरिक शास्त्रीय गायकी और आधुनिक सुगम संगीत, दोनों धाराओं के कलाकारों को समान अवसर मिले—एक ऐसा संतुलन जो आज के संगीत परिदृश्य में कम ही देखने को मिलता है।

पंजीकरण प्रक्रिया और अंतिम तिथि

इच्छुक प्रतिभागी sursangamsansthan.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर 2026 है, जिसके बाद देशभर से चयनित प्रतिभागियों को जयपुर के ग्रैंड फिनाले में आमंत्रित किया जाएगा।

मुंबई से पहुंचेगा जाना-माना निर्णायक मंडल

आयोजन में निर्णायक की भूमिका निभाने के लिए मुंबई से संगीतकार सोहेल सेन, संगीतकार दीपक पंडित, गायिका प्रतिभा बघेल और लोकप्रिय गायक राजा हसन जयपुर पहुंचेंगे। इन नामों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि सुर संगम को बॉलीवुड और मुख्यधारा संगीत उद्योग से भी लगातार समर्थन मिल रहा है, जो चयनित प्रतिभागियों के लिए इंडस्ट्री से सीधा संपर्क बनाने का दुर्लभ मौका बन सकता है।

आयोजकों ने देशभर की युवा प्रतिभाओं से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की है, ताकि मालू जी की सोच—प्रतिभाओं को पहचान, मार्गदर्शन और अवसर देने की परंपरा—आगे बढ़ती रहे।