17 सितंबर से बदलेगी तस्वीर! एक महीने तक चलेगा जन सेवा का महाअभियान, लंपी रोग पर भी सख्ती
अनन्य सोच । राजस्थान में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शनिवार को हुई अहम बैठक में प्रदेशभर में शुरू होने जा रहे 'Vikसित भारत-जन सेवा अभियान' की रूपरेखा तय कर दी गई। इसी बैठक में एक और गंभीर मुद्दा भी उठा, जिस पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आखिर क्या है यह पूरा प्लान, जानिए विस्तार से।
एक महीने तक चलेगा जनभागीदारी का बड़ा अभियान
'Developed India' के सपने को साकार करने और जनता की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान गांव-गांव, शहर-शहर में जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों की झड़ी लगेगी।
रक्तदान से लेकर रंगोली तक, हर उम्र के लिए कुछ खास
अभियान के तहत Blood Donation Camp, स्कूल-कॉलेजों में पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिताएं, प्रेरक वीडियो स्क्रीनिंग, आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स का सम्मान, स्टूडेंट्स की रैली और श्रमदान जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। इसके अलावा रंगोली प्रतियोगिता और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम भी इसका हिस्सा होंगे।
पशुओं पर मंडरा रहे खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट
बैठक में एक और अहम मुद्दा छाया रहा, वह था Lumpy Disease का बढ़ता खतरा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत टीकाकरण, आइसोलेशन और जागरूकता अभियान में कोई कोताही न बरती जाए। केंद्रीय पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीना बी. ने बताया कि निराश्रित पशुओं और गौशालाओं पर खास फोकस रहेगा। वहीं संक्रमण रोकने के लिए राज्यभर में फिलहाल पशु मेलों पर रोक लगा दी गई है और घर-घर जाकर पशुओं का सर्वे भी कराया जाएगा।
बैठक में Farmer Registry, वीबी-जी राम जी योजना के तहत श्रमिक भुगतान और राजीविका की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सभी जिला कलेक्टरों को तय लक्ष्य समय पर पूरा करने की हिदायत दी गई। बैठक में विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जिला कलेक्टर वीसी के जरिए जुड़े।