"अब गेंद पूरी तरह हमारे पाले में", गोयल ने बताया कैसे 9 FTA से भारत छू लेगा 30 ट्रिलियन डॉलर का सपना
एक तरफ दुनिया भर में आर्थिक उथल-पुथल का माहौल है, दूसरी तरफ भारत 7.8% की जीडीपी ग्रोथ के साथ नई कहानी लिख रहा है। दिल्ली में हुए एक बड़े कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कर दिया कि अब सिर्फ मौके नहीं, बल्कि नतीजे दिखाने का वक्त है।
अनन्य सोच। नई दिल्ली में आयोजित "एफटीए का लाभ उठाना: एक पहुंच कार्यक्रम" कार्यशाला में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने देश के हर छोटे-बड़े व्यापारी तक मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का फायदा पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पहल देश के सभी 780 जिलों तक फैलनी चाहिए, ताकि छोटे व्यवसायी, स्टार्टअप और महिला उद्यमी भी इसका लाभ उठा सकें। उनका मानना है कि भारत को घरेलू अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर एक बड़ी वैश्विक ताकत बनना होगा, और इसमें हर छोटा-बड़ा योगदान अहम है।
नकारात्मकता से बचने की दी सलाह
गोयल ने पहली तिमाही में हासिल हुई 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में यह आंकड़ा बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे नकारात्मक बातें करने वालों की बातों में न आएं, क्योंकि जीडीपी के आंकड़े किसी मंत्री या नौकरशाह की मर्जी से नहीं, बल्कि सांख्यिकी मंत्रालय की स्वतंत्र और दशकों पुरानी प्रक्रिया से तय होते हैं।
नौ एफटीए से खुलेगा वैश्विक व्यापार का दरवाजा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत के नौ मुक्त व्यापार समझौते करीब 60 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं को कवर करते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार के दो-तिहाई हिस्से तक पहुंच मिलेगी। आने वाले समय में कनाडा, मैक्सिको, चिली, जीसीसी और इजराइल जैसे देशों के साथ भी समझौते होने हैं, जिसके बाद भारत को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में सस्ती दर पर वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत हिस्से तक पहुंच मिल सकेगी। उन्होंने वस्त्र उद्योग का उदाहरण देते हुए बताया कि अब तक बांग्लादेश और वियतनाम को मिलने वाली रियायतों से भारत पिछड़ जाता था, लेकिन अब स्थिति पलट चुकी है और अब प्रदर्शन ही सबसे बड़ी कसौटी रह गई है।
ब्रिटेन के बाद अब यूरोपीय संघ की बारी
गोयल ने बताया कि भारत-ब्रिटेन एफटीए 15 जुलाई से लागू हो चुका है, जबकि मॉरीशस, ओमान, यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ समझौते पहले से चालू हैं। जल्द ही यूरोपीय व्यापार संघ (EFTA) और न्यूजीलैंड के साथ भी समझौता लागू होगा, और इसके बाद यूरोपीय संघ के 27 देशों की बारी आएगी। अमेरिका के साथ भी तरजीही व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। गोयल के मुताबिक, हर समझौते में किसानों, मछुआरों और छोटे उद्योगों के हितों का पूरा ख्याल रखा गया है।