संसद की टीम पहुंची जयपुर! आकांक्षी जिलों की तरक्की का लेखा-जोखा खंगालने जुटे सांसद और अफसर
राजस्थान में चल रहे विकास कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत जानने के लिए दिल्ली से संसद सदस्यों की एक टीम खास तौर पर जयपुर पहुंची। दो दिन तक चलने वाले इस अध्ययन दौरे में राज्य के पिछड़े जिलों और ब्लॉकों में हो रहे बदलाव की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
अनन्य सोच। वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee on Finance) का दो दिवसीय राजस्थान अध्ययन दौरा बुधवार को जयपुर पहुंचा, जहां समिति ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य फोकस प्रदेश में चल रहे आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational District Programme) और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (Aspirational Block Programme) की प्रगति पर रहा। समिति के सदस्यों ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन की बारीकी से समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास संकेतकों पर विस्तृत जानकारी ली। केंद्र सरकार की यह पहल देश के सबसे पिछड़े जिलों और ब्लॉकों में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से बेहतर बनाने के मकसद से शुरू की गई थी, और राजस्थान में इसकी प्रगति का जायजा लेना इस दौरे का मुख्य एजेंडा रहा।
बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता और विद्यालयी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव ने अपने-अपने विभागों से जुड़े आंकड़े और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके अलावा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री ए. राठौड़, ग्रामीण विकास सचिव कृष्ण कुणाल, आयोजना सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर और पंचायती राज सचिव सह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने भी अपने क्षेत्रों की उपलब्धियां और चुनौतियां साझा कीं।
समिति के इस दौरे से यह उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र स्तर पर राजस्थान के पिछड़े इलाकों के लिए और अधिक संसाधन तथा सहयोग मिल सकेगा, जिससे इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज होगी।