यूपी की सियासत से अंडमान-निकोबार तक, डॉ. दिनेश शर्मा को मिली बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता डॉ. दिनेश शर्मा के राजनीतिक करियर में एक नया अध्याय जुड़ गया है। उन्हें अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है, जिसके बाद बधाइयों का तांता लग गया।
अनन्य सोच। राजनीति के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से शनिवार देर रात इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया। आदेश के मुताबिक, उनकी यह नियुक्ति उसी तारीख से प्रभावी मानी जाएगी, जिस दिन वे औपचारिक रूप से उपराज्यपाल पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से होते हुए यहां तक पहुंचा है। एबीवीपी से अपनी शुरुआत करने वाले शर्मा लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की सियासत में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और उप-मुख्यमंत्री जैसे बड़े पद पर भी काम कर चुके हैं। अब प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव के इस लंबे सफर के बाद उन्हें एक अहम संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस नियुक्ति की घोषणा होते ही उत्तर प्रदेश समेत देशभर के भाजपा नेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर बधाई संदेश साझा करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इसी तरह उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
नियुक्ति के बाद डॉ. दिनेश शर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे अपने ऊपर जताए गए भरोसे के रूप में स्वीकार करते हुए इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाने का भरोसा दिलाया। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि डॉ. शर्मा कब औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण करते हैं और अंडमान-निकोबार प्रशासन की कमान किस तरह संभालते हैं।