इस बार भद्रा का व्यवधान नहीं: 28 अगस्त को मनेगा रक्षाबंधन, जानें राखी बांधने का सबसे शुभ समय और चंद्रग्रहण का असर

इस बार रक्षाबंधन 28 अगस्त को भद्रा रहित मनाया जाएगा, राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 5:58 से 9:48 बजे तक, चंद्रग्रहण भारत में नहीं आएगा नजर।

Aug 26, 2026 - 16:06
Aug 26, 2026 - 16:09
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इस बार भद्रा का व्यवधान नहीं: 28 अगस्त को मनेगा रक्षाबंधन, जानें राखी बांधने का सबसे शुभ समय और चंद्रग्रहण का असर

Quick Read / Key Highlights

रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा, क्योंकि 27 अगस्त को पूर्णिमा के साथ भद्रा भी लगेगी जो रात 9:52 बजे तक रहेगी।

28 अगस्त को सूर्योदय के समय भद्रा नहीं रहेगी, राखी बांधने का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 5:58 से 9:48 बजे तक रहेगा।

दोपहर 12:03 से 12:53 बजे तक भी शुभ मुहूर्त है, इस दिन शतभिषा नक्षत्र व सुकर्मा योग का विशेष संयोग बनेगा।

लाभ और अमृत चौघड़िया को विशेष शुभ माना गया है, राहुकाल सुबह 11:05 से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा जिसमें राखी न बांधने की सलाह।

28 अगस्त को आंशिक चंद्रग्रहण होगा, लेकिन चंद्रमा भारत में क्षितिज के नीचे रहने से यह घटना भारत से दिखाई नहीं देगी, इसलिए सूतक मान्य नहीं होगा।

इस बार भद्रा के व्यवधान से मुक्त रहेगा पर्व

अनन्य सोच। बहन-भाई के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य  के अनुसार 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, लेकिन इसके साथ ही भद्रा भी लग जाएगी, जिसका प्रभाव रात 9:52 बजे तक रहेगा। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय भद्रा नहीं रहेगी और उदया तिथि के कारण पूर्णिमा भी इसी दिन प्राप्त होगी, इसलिए शास्त्र सम्मत रूप से रक्षाबंधन 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा।

राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त

 राखी बांधने का सबसे शुभ समय सुबह 5:58 से 9:48 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त दोपहर 12:03 से 12:53 बजे तक भी शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा। इस दिन शतभिषा नक्षत्र और सुकर्मा योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष में शुभ माना जाता है। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे तक रहेगी।

चौघड़िया अनुसार भी शुभ समय उपलब्ध

जो परिवार मुहूर्त के अतिरिक्त चौघड़िया देखकर राखी बांधना पसंद करते हैं, उनके लिए भी कई शुभ समय रहेंगे। लाभ का चौघड़िया सुबह 7:57 से 9:31 बजे तक, अमृत का चौघड़िया सुबह 9:31 से 11:05 बजे तक, शुभ का चौघड़िया दोपहर 12:40 से 2:14 बजे तक, चर का चौघड़िया शाम 5:22 से 6:57 बजे तक तथा रात में लाभ चौघड़िया 9:48 से 11:14 बजे तक रहेगा। इनमें लाभ और अमृत चौघड़िया को विशेष रूप से शुभ माना जाता है। हालांकि सुबह 11:05 से दोपहर 12:40 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस अवधि में राखी बांधने से बचने की सलाह दी गई है।

कुंभ राशि में रहेगा चंद्रमा

पंचांग के अनुसार इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि सुबह 7:26 बजे के बाद सुकर्मा योग का शुभ संयोग बनेगा।  यह संयोग रक्षाबंधन के पर्व को और भी शुभ बनाता है।

चंद्रग्रहण भारत में नहीं आएगा नजर, सूतक भी मान्य नहीं

पंचांग गणना के अनुसार 28 अगस्त को आंशिक चंद्रग्रहण लगेगा, जिसका मुख्य चरण भारतीय समयानुसार सुबह से दोपहर के बीच रहेगा और अधिकतम चरण करीब सुबह 9:43 बजे बताया गया है। हालांकि ग्रहण के समय चंद्रमा भारत में क्षितिज के नीचे रहेगा, जिसके चलते यह खगोलीय घटना भारत से दिखाई नहीं देगी। चूंकि ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा और श्रद्धालु बिना किसी बाधा के रक्षाबंधन का पर्व मना सकेंगे।