India-Rwanda Trade Deal: अफ्रीका का नया Gateway बनेगा रवांडा! Critical Minerals से Digital Tech तक खुलेंगे अरबों के अवसर
India और Rwanda ने पहली Joint Trade Committee (JTC) बैठक में व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रोडमैप तैयार किया। Critical Minerals, Healthcare, Digital Technology, FinTech और Agriculture जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। यह समझौता भारतीय कंपनियों के लिए पूरे अफ्रीकी बाजार के दरवाजे खोल सकता है।
अनन्य सोच। भारत और Rwanda के बीच आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नई दिल्ली में 30 और 31 जुलाई को आयोजित पहली India-Rwanda Joint Trade Committee (JTC) बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहन देने और नए क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर सहमति बनाई। इस बैठक को भविष्य की रणनीतिक आर्थिक साझेदारी की मजबूत नींव माना जा रहा है।
बैठक में दोनों देशों ने मौजूदा Bilateral Trade की समीक्षा करते हुए व्यापार को विविध बनाने और Market Access से जुड़ी चुनौतियों को मिलकर दूर करने का फैसला किया। भारत फिलहाल Rwanda के Pharmaceutical Imports का लगभग 24.5% हिस्सा उपलब्ध कराता है, जिससे वह इस क्षेत्र में उसका सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।
भारत ने Pharmaceuticals, Medical Devices, Heavy Engineering, Textiles, Refined Petroleum Products, Seafood, Scientific Instruments, Sports Goods, Toys, Gems & Jewellery और Plastic Products के निर्यात में विस्तार की संभावनाएं सामने रखीं। वहीं Rwanda ने Coffee, Tea, Avocado, Macadamia, French Beans, Essential Oils, Minerals और Precious Stones को भारत के लिए प्रमुख निर्यात उत्पाद बताया।
बैठक की सबसे अहम उपलब्धि Critical Minerals सेक्टर में सहयोग को लेकर रही। भारत ने Rwanda के Tin, Tungsten और Tantalum संसाधनों के विकास में रुचि दिखाई। इसके अलावा Healthcare, Digital Public Infrastructure, FinTech, Cyber Security, Green Mobility, Renewable Energy और Agri Processing को भी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया।
निवेश के मोर्चे पर Rwanda ने बताया कि वर्ष 2025 तक भारत उसका दूसरा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक बन चुका है। दोनों देशों ने Invest India और Rwanda Development Board को निवेश सुविधा केंद्र के रूप में नामित किया। साथ ही Trade Fairs, Business Forums और Buyer-Seller Meets का साझा कैलेंडर तैयार करने पर भी सहमति बनी।
Rwanda ने खुद को East African Community (EAC), COMESA और AfCFTA के प्रवेश द्वार के रूप में प्रस्तुत करते हुए भारतीय उद्योगों को पूरे अफ्रीकी बाजार तक पहुंच का अवसर देने का प्रस्ताव रखा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी आने वाले वर्षों में भारत-अफ्रीका व्यापार को नई गति दे सकती है और भारतीय उद्योगों के लिए अरबों डॉलर के नए अवसर पैदा कर सकती है।